इथेनॉल मिक्स पेट्रोल: विपक्ष की चाल पर सरकार का जवाब- गाड़ियों को नहीं कोई नुकसान,पूरी तरह सुरक्षित
अरविंद केजरीवाल के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इथेनॉल मिक्स पेट्रोल पर सरकार को घेरने की कोशिश की है. इस बीच सरकार ने संसद में जवाब दिया है कि इथेनॉल मिक्स पेट्रोल गाड़ियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है.
इथेनॉल मिक्स पेट्रोल पर सरकार ने संसद को बताया @IANS
- AAP के बाद कांग्रेस ने भी इथेनॉल मिक्स पेट्रोल पर उठाए सवाल
- वीडियो पोस्ट कर बोले राहुल गांधी- दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली
- सरकार ने संसद में दिया जवाब- सभी टेस्ट में इथेनॉल ब्लेंडिंड पेट्रोल हुआ पास
- टेस्ट में हुआ साफ- इंजन और इससे जुड़े पुर्जों को नहीं होता कोई नुकसान
पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है. आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पर सवाल उठाते हुए 'दाल में काला नहीं' बल्कि पूरी दाल ही काली होने का आरोप लगाते हुए अब इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के संकेत दे दिए हैं. राहुल ने शुक्रवार को अपनी कार की पेट्रोल की टंकी का ढक्कन उठाते हुए पूरी दाल काली होने की बात की.
राहुल गांधी बोले- दाल ही काली
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो पोस्ट किया है. इस बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद को बताया कि इथेनॉल ब्लेडिंड पेट्रोल की अलग-अलग जांच एजेंसियों ने गहन परीक्षणों और वास्तविक परिस्थितियों में हुए परीक्षणों के बाद यह पाया है कि निर्धारित मानकों के तहत E20 पेट्रोल वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं.
सरकार का जवाब- इथेनॉल वाला पेट्रोल सभी टेस्ट में पास
सरकार ने बताया कि विभिन्न सरकारी एजेंसियों, वाहन निर्माताओं और उद्योग संगठनों द्वारा किए गए व्यापक प्रयोगशाला परीक्षणों और वास्तविक परिस्थितियों में हुए परीक्षणों के बाद यह निष्कर्ष सामने आया है कि इथेनॉल मिक्स पेट्रोल से वाहनों को नुकसान नहीं होता. संसद में एक लिखित उत्तर में भारी उद्योग मंत्रालय ने कहा कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM), इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOC) समेत विभिन्न वाहन निर्माताओं ने संयुक्त रूप से ई20 ईंधन पर विस्तृत परीक्षण किए.
इंजन और इससे जुड़े पुर्जों पर नहीं कोई असर
मंत्रालय ने आगे कहा कि इन टेस्ट के दौरान इंजन की मजबूती, वाहन की संचालन क्षमता, ठंडे मौसम में इंजन स्टार्ट होने की क्षमता, जंग प्रतिरोध, विभिन्न पुर्जों के साथ ईंधन की अनुकूलता, ईंधन प्रणाली की विश्वसनीयता, उत्सर्जन स्तर और ईंधन दक्षता जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया गया.
सरकार ने बताया पूरा प्रोसेस
इन सभी अध्ययनों के नतीजों से यह साफ हुआ कि निर्धारित मानकों के अनुसार ई20 पेट्रोल का उपयोग पूरी तरह सुरक्षित है. इससे वाहनों के प्रदर्शन या टिकाऊपन पर कोई महत्वपूर्ण नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता. भारी उद्योग मंत्रालय ने बताया कि 26 दिसंबर 2020 को नीति आयोग के तहत एक अंतर-मंत्रालयी समिति का गठन किया गया था. इस समिति ने वाहनों की ई20 ईंधन के साथ अनुकूलता, माइलेज और ईंधन दक्षता से जुड़े सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा की थी.
इथेनॉल को सभी एजेंसियों से मिला समर्थन
इस मूल्यांकन को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स द्वारा किए गए शोध का भी पूरा समर्थन मिला. मंत्रालय ने कहा कि ई20 ईंधन के वैज्ञानिक परीक्षण और चरणबद्ध क्रियान्वयन की पूरी प्रक्रिया में वाहन निर्माता कंपनियां, ऑटोमोबाइल कलपुर्जा निर्माता, एसआईएएम, एआरएआई, परीक्षण एजेंसियां और तेल विपणन कंपनियां सक्रिय रूप से शामिल रहीं.
इथेनॉल मिक्स पेट्रोल का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं
सरकार के अनुसार, ई20 ईंधन को लागू करने से पहले ईंधन प्रणाली, इंजन की मजबूती, वाहन संचालन क्षमता, विभिन्न पुर्जों के साथ ईंधन की अनुकूलता तथा उत्सर्जन प्रदर्शन का सफलतापूर्वक सत्यापन किया गया था. मंत्रालय ने संसद को बताया कि परीक्षणों के दौरान निर्धारित परिचालन परिस्थितियों में पुराने वाहनों पर भी ई20 पेट्रोल के उपयोग से प्रदर्शन, इंजन की टिकाऊ क्षमता या वाहन के पुर्जों की अनुकूलता पर कोई महत्वपूर्ण प्रतिकूल प्रभाव सामने नहीं आया.
(एजेंसी: आईएएनएस)
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