Also Read - भारत अपने पड़ोसी देशों के लिए बना संकटमोचक, इन देशों को आज भेजे जाएंगे Vaccine

नई दिल्ली। सेना प्रमुख बिपिन रावत ने आज कहा कि डोकलाम के हालात अच्छे हैं और परेशान होने की कोई वजह नहीं है. भारत ने विवादित तिराहे में सड़क बनाने से चीनी सेना को रोक दिया था जिसके बाद दोनों देश की सेनाओं के बीच 73 दिन तक गतिरोध बना रहा था. रावत से जब पत्रकारों ने डोकलाम के हालात के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि चिंता करने की कोई बात नहीं है. वहां हालात अच्छे हैं. Also Read - सहायता अनुदान के तहत इन छह देशों को कोरोना वायरस का टीका सप्लाई करेगा भारत, देखिए पूरी लिस्ट

Also Read - पाकिस्‍तान, चीन मिलकर एक शक्तिशाली खतरा..., सही वक्‍त, जगह चुनने और माकूल जवाब का अधिकार हमारा है: आर्मी चीफ

73 दिन रहा डोकलाम पर गतिरोध

अगस्त 2017 के आखिरी सप्ताह में भारत-चीन के बीच 73 दिन तक चला डोकलाम विवाद खत्म हुआ था. दोनों देश डोकलाम से अपनी-अपनी सेनाएं हटाने पर सहमत हो गए. तब इसे भारत की एक बड़ी जीत माना गया. हालांकि चीन ने भी अपनी जीत के दावे करते हुए कहा था कि वह सीमा पर गश्त जारी रखेगा. चीन तीन मोर्चों से भारत को युद्ध की धमकी दे रहा था. कभी सरकारी मीडिया के जरिए, कभी अपने थिंकटैंक के जरिए तो कभी मंत्रालयों के जरिए उसने भारत को प्रभाव में लेने की भरपूर कोशिश की. चीनी अखबारों ने तो आए दिन धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया. धमकी दी कि भारत में अगर चीनी सैनिक घुस जाए तो क्या होगा. कश्मीर मामले पर दखल देने की धमकी दी. लेकिन चीन की इन कोरी धमकियों से भारत टस से मस नहीं हुआ और आखिर में अपनी बात मनवाने में सफल रहा.

पढ़ें- सुलझा डोकलाम विवाद, भारत के दांव से कैसे चित हो गया चीन?

हरकतों से बाज नहीं आया चीन

लेकिन डोकलाम में सीमा विवाद खत्म होने के बावजूद चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन ने अक्टूबर-नवंबर में डोकलाम में नई सड़कें बना डाली. इस बात का खुलासा सैटेलाइट फोटोज के जरिए हुआ था. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला कि चीन ने विवादित इलाके में सड़क के काम का विस्तार किया. भारत ने चीन को ऐसा करने से रोका था मगर चीन अपनी मनमानी करता रहा.

बहरहाल, डोकलाम पर भारत हमेशा सतर्क ही रहा. चीन हमेशा दोहराता रहा कि डोकलाम पर भारत के साथ उसका कोई विवाद नहीं है, मामला उसके और भूटान के बीच है. लेकिन भारत ने अपने सख्त रुख से चीन को साफ संदेश दे दिया कि वह इस मसले पर चुप नहीं रहेगा. हाल ही में सेना प्रमुख की भूटान यात्रा से भी साफ हो गया कि डोकलाम सिर्फ भूटान-चीन का ही मामला नहीं है बल्कि भारत के हित भी इससे जुड़े हुए है.