नई दिल्ली: लोकसभा की एक समिति ने लुटियंस दिल्ली में सरकारी बंगलों में कार्यकाल खत्म होने के बाद भी रह रहे पूर्व सांसदों को एक हफ्ते में आवास खाली करने का निर्देश दिया है. लोकसभा की आवास समिति के अध्यक्ष सीआर पाटिल ने कहा कि समिति ने सोमवार को बैठक की थी, जिसमें फैसला हुआ कि तीन दिनों में पूर्व सांसदों के सरकारी आवासों के बिजली, जल और गैस के कनेक्शन काट दिए जाएंगे.

बता दें कि एक दिन पहले खबर न्‍यूज एजेंसी भाषा ने दी थी कि लोकसभा के 200 से ज्यादा पूर्व सदस्यों ने अब तक अपने सरकारी बंगले खाली नहीं किए हैं. इसके बाद यह घटनाक्रम हुआ है.

पाटिल ने कहा, आवास समिति की आज हुई बैठक में, फैसला लिया गया है कि तीन दिन के अंदर ऐसे बंगलों के बिजली, जल और गैस कनेक्शनों को काट दिया जाएगा और पूर्व सांसदों से एक हफ्ते के अंदर आवासों को खाली करने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि किसी भी पूर्व सांसद ने यह नहीं कहा है कि वह अपना बंगला खाली नहीं करेंगे. नियमों के अनुसार पूर्व सांसदों को पिछली लोकसभा भंग होने के एक महीने के भीतर अपने-अपने बंगलों को खाली करना होता है.

वहीं, लोकसभा के तत्वावधान में नार्थ ऐवन्यू डूप्लेक्स फ्लैट्स के उद्घाटन कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सांसदों को स्वयं के लिए एक कमरे से ज्यादा की जरूरत नहीं होती है. लेकिन उनके क्षेत्र के लोग काफी संख्या में आते हैं और दूर दूर से आते हैं. आने वाले हर एक के मन में होता है कि रात में रुकने की व्यवस्था हो जाए.

मोदी ने कहा कि जगह हो या नहीं हो, सांसद उन्हें नकार नहीं सकता है. सांसदों को पता होता है कि कितनी बड़ी कठिनाई होती है. ऐसे में गत सत्र से इस दिशा में काफी विचार विमर्श किया गया. उन्होंने कहा कि कुछ भवन बहुत पुराने हैं, उसमें समय समय पर मरम्मत की जरूरत होती है. नार्थ ऐवन्यू डूप्लेक्स फ्लैट्स को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि इसे समय से पहले और धन की बचत के साथ पूरा किया गया है और गुणवत्ता को बनाए रखा गया है.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने केन्द्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश पर 16वीं लोकसभा को 25 मई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया था. एक सूत्र ने बताया, लोकसभा के 200 से अधिक पूर्व सांसदों ने अब तक अपने सरकारी बंगलों को खाली नहीं किया है. इन पूर्व सांसदों को 2014 में ये बंगले आवंटित किये गए थे. इस वजह से नव निर्वाचित सांसद अस्थायी अवासों में रह रहे हैं.