नई दिल्ली: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के पूर्व विधायक एजाज अहमद मीर की परेशानी बढ़ सकती है. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) का दावा है कि 2017 में अमरनाथ यात्रियों पर हमले के लिए उनकी कार का इस्तेमाल किया गया था. हमारे सहयोगी डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस को लेटर लिखा है. इसमें कहा गया है कि हमारे संज्ञान में आया है कि एक बार उनके (ऐजाज मीर) वाहन का इस्तेमाल अमरनाथ तीर्थयात्रियों पर हमले के लिए किया गया था. बता दें कि 10 जुलाई, 2017 को बोटेंगू में अमरनाथ यात्रियों से भरी बस पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था, जिसमें आठ तीर्थयात्री मारे गए थे.

मीर जो अब भंग विधानसभा में दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के वाची निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, को एनआईए ने आतंकवादियों के लिए शॉफ्ट कॉर्नर रखने का आरोप लगाया है. एनआईए के पत्र में कहा गया है कि पूर्व विधायक ऐजाज अहमद मीर के क्रिमिनल रेकॉर्ड खंगाला जाए और एसपीओ/ सीआईओ राकेश शर्मा को रिपोर्ट भेजी जाए. एनआईए का दावा है कि पिछले साल पूर्व पीडीपी विधायक एजाज अहमद मीर के आवास पर हथियार मिलने के मामले की जांच के दौरान ये चीज सामने आई है. पिछले साल सितंबर में, मीर के आवास पर तैनात एसपीओ आदिल बशीर शेख नौ हथियारों 5 एके 47 राइफल, 4 इंसास राइफल और एक पिस्तौल के साथ फरार हो गया था.

जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने जुलाई 2017 में अमरनाथ बस यात्रा पर हमले के मामले में आतंकी समूह लश्कर ए तैयबा (एलईटी) और आठ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था. हमले में आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी. पुलिस ने कहा था कि 10 जुलाई 2017 को यात्रा बस पर हमला करने के मामले में एलईटी और आठ आरोपियों के खिलाफ 1,500 पन्नों का आरोपपत्र दायर किया गया.

एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था, जिसने अनंतनाग जिला अदालत और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (किशोर न्यायालय) अनंतनाग के समक्ष आठ आरोपियों के खिलाफ एक विस्तृत आरोपपत्र दायर किया है. इस मामले का मुख्य आरोपी एलईटी आतंकी समूह का एक पाकिस्तीन नागरिक अबु इस्माइल था जो 14 सितंबर 2017 को सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी में मारा गया था. उसके दो और पाकिस्तानी सहयोगियों को 12 दिसंबर को मौत के घाट उतार दिया गया था.