नई दिल्ली: LAC पर चीन के साथ सीमा पर पैदा हुए हालात की समीक्षा के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज शाम को एक बार फिर बड़ी बैठक की. इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, सीडीएस जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवाणे भी शामिल हुए. इससे पहले उन्होंने दिन में भी एक बैठक की थी जिसमें सीडीएस के अलावा तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए. Also Read - India-China Border Fight Live Update: रक्षा मंत्री का दौरा स्थगित होने के बाद आज CDS जनरल रावत जा रहे हैं लेह

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ ‘हिंसक टकराव’ के दौरान भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए. सेना ने यह जानकारी दी. चीन की सीमा पर लगभग 45 साल बाद, भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों की इस तरह शहादत की पहली घटना है. Also Read - India-China Border Latest News: चीन से वार्ता में नहीं बन रही बात! सैन्य तैयारियों का जायजा लेने कल लद्दाख जाएंगे राजनाथ और सेना प्रमुख

इस पूरी घटना की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दे दी गई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, तीनों सेनाओं के प्रमुख व विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस टकराव के साथ-साथ पूर्वी लद्दाख के संपूर्ण घटनाक्रम से अवगत कराया.

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार 1975 में अरुणाचल प्रदेश में तुलुंग ला में हुए संघर्ष में चार भारतीय जवानों की शहादत के बाद यह इस तरह की पहली घटना है. सैन्य सूत्रों ने कहा कि दोनों सेनाओं के बीच घटनास्थल पर मेजर जनरल स्तर की बातचीत चल रही है. सेना ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘गलवान घाटी में तनाव कम करने की प्रक्रिया के दौरान सोमवार रात हिंसक टकराव हो गया. इस दौरान भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए.’ पिछले पांच हफ्तों से गलवान घाटी समेत पूर्वी लद्दाख के कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भारतीय और चीनी सैनिक आमने सामने हैं.

बता दें कि भारतीय और चीनी सेना के बीच पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलतबेग ओल्डी में तनाव चल रहा है. बड़ी संख्या में चीनी सैनिक वास्तविक सीमा पर पैंगोंग झील सहित कई भारतीय क्षेत्रों में घुस आए थे. भारत ने इसका कड़ा विरोध करते हुए चीनी सैनिकों को इलाके में शांति बहाल करने के लिये तुरंत पीछे हटने के लिये कहा. दोनों देशों के बीच इस विवाद को सुलझाने के लिये बीते कुछ दिनों में कई बार बातचीत हो चुकी है.