चंडीगढ़. कनाडा में जन्मी जसविंदर कौर सिद्धू की ‘झूठी शान की खातिर हत्या’ के 18 वर्ष के बाद हत्यारोपी उसकी मां और चाचा को कनाडाई अधिकारियों ने भारत प्रत्यर्पित कर दिया है. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि संगरूर की एक अदालत में दोनों को पेश करने के लिए उसे राज्य लाने के वास्ते पंजाब पुलिस की एक टीम को दिल्ली भेजा गया है. जसविंदर की मां मलकीत सिद्धू और चाचा सुरजीत बदेशा पर हत्या के आरोप हैं. इस सिलसिले में संगरूर के अमरगढ़ थाने में एक मामला दर्ज किया गया है.

संगरूर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संदीप गर्ग ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘उन्हें हमारी टीम (पंजाब पुलिस) को दिल्ली हवाई अड्डे पर आज सौंप दिया जाएगा. उन्होंने बताया, उन्हें संगरूर लाया जाएगा और इसके बाद अदालत में पेश किया जाएगा. कनाडा की एक अदालत ने 2016 में मलकीत और सुरजीत को भारत प्रत्यर्पित करने पर रोक लगा दी थी. हालांकि, कनाडा के सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में दोनों को प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया.

न्यायिक समीक्षा की हुई थी मांग
आरोपियों ने निर्णय पर न्यायिक समीक्षा की मांग की थी जिसके बाद निर्णय पर फिर रोक लगा दी गई थी. कनाडा की एक अदालत ने दिसंबर 2018 में प्रत्यर्पण की कार्यवाही रोकने की उनकी याचिका खारिज कर दी जिसके बाद आखिरकार उनके भारत प्रत्यर्पित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया.

प्यार में पड़ी थी जस्सी
जस्सी उर्फ जसविंदर पंजाब आने के बाद एक ऑटोरिक्शा चालक सुखविंदर सिंह मिठू के प्यार में पड़ गई। वह ब्रिटिश कोलंबिया के मेपल रिज की निवासी थी. जस्सी के प्रभावशाली परिवार की मर्जी के खिलाफ 1999 में दोनों ने शादी कर ली। उस समय 25 वर्षीय जस्सी और मिठू पर कथित तौर पर आठ जून 2000 को संगरूर में मलेरकोटला के नरिके गांव में ठेके के हमलावरों ने हमला किया था. हमलावरों को जस्सी के मां और चाचा ने सुपारी दी थी.