नई दिल्ली। तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर मुस्लिम समाज में महिलाओं के अधिकार के लिए नई नजीर लिखने वाली शायरा बानो ने बीजेपी और मोदी सरकार की जमकर तारीफ की है. शायरा ने कहा है कि ये सरकार समान नागरिक संहिता को लेकर भी गंभीर है. बता दें कि काशीपुर की रहने वाली सायरा बानो की याचिका पर ही सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को गैर कानूनी करार दिया था. Also Read - ममता बनर्जी के कथित ऑडियो क्लिप को लेकर BJP और TMC में तकरार, छिड़ी जुबानी जंग

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शायरा बानो ने कहा कि हमारी सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) को लेकर गंभीर है और बहुविवाह के असर को लेकर भी चिंतित है. मुस्लिमों को लेकर बीजेपी सरकार की कोशिशों को देखते हुए मैं कह सकती हूं कि अगर मुझे मौका मिले तो मैं बीजेपी में जरूर शामिल होना चाहूंगी.

बता दें कि तीन तलाक के मुद्दे पर 22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया था. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केंद्र सरकार 6 महीने के अंदर संसद में इसको लेकर कानून बनाए.

तीन तलाक पर फैसला आते ही मुस्लिम महिलाओं ने ऐसे मनाया जश्न

देश की सबसे बड़ी अदालत में लड़ी गई इस कानूनी लड़ाई को अपने अंजाम तक पहुंचाने में कई महिलाओं का संघर्ष शामिल रहा है. इनमें सबसे अहम नाम है उत्तराखंड की शायरा बानो का जो इस मामले को सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट लेकर गई थीं.

इसे लेकर सरकार ने कानून भी बनाया जिसका कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने विरोध किया. हालांकि ये कानून लोकसभा में तो पास हो गया जहां बीजेपी का बहुमत है, लेकिन राज्यसभा में पास नहीं हो सका. इस पर लंबी बहस चली और संसद सत्र भी खत्म हो गया. मॉनसून सत्र में सरकार इसे दोबारा मंजूरी के लिए राज्यसभा में रखेगी.