Fake Birth Certificate Case: आजम खान, बेटे अब्दुल्ला और पत्नी को सात-सात साल की सजा, जानें पूरा मामला

फैसले के बाद Azam Khan, Son Abdullah And Wife को हिरासत में ले लिया गया और कोर्ट से सीधे जेल भेजा जाएगा.

Published date india.com Updated: October 18, 2023 7:42 PM IST
बड़ी मुसीबत में आज़म खान, 7 साल की मिली सजा (Photo File)
बड़ी मुसीबत में आज़म खान, 7 साल की मिली सजा (Photo File)

Fake Birth Certificate Case: फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में रामपुर एमपी-एमएलए अदालत ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम खान को सात-सात साल की जेल की सजा सुनाई. फैसले के बाद तीनों को हिरासत में ले लिया गया और कोर्ट से सीधे जेल भेजा जाएगा. एएनआई ने पूर्व डीजीसी (क्राइम) अरुण सक्सेना के हवाले से कहा कि आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दोषी ठहराने के बाद अदालत ने तीनों को सात साल की कैद की सजा सुनाई है और 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकने के लिए रामपुर में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो जन्म प्रमाण पत्र रखने का मामला दर्ज कराया था. आजम खान और उनकी पत्नी तंजीन फातिमा को भी आरोपी बनाया गया था. अब्दुल्ला आजम खान और उनके माता-पिता के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था. अब्दुल्ला आजम पर अपनी सुविधा के अनुसार समय-समय पर दो जन्म प्रमाण पत्र का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है.

एक लखनऊ नगर पालिका और दूसरा रामपुर नगर पालिका ने जारी किया था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल्ला आजम ने अपने पहले जन्म प्रमाण पत्र का उपयोग अपने विदेशी दौरों के लिए पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए किया, वहीं उन्होंने दूसरे प्रमाण पत्र का उपयोग सरकार से संबंधित उद्देश्यों के लिए किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रमाणपत्र पूर्व नियोजित साजिश के तहत फर्जी तरीके से जारी किए गए थे.

पूर्व डीजीसी सक्सेना ने कहा था कि अब्दुल्ला आजम खान पर दो जन्म प्रमाण पत्र बनाने का आरोप है. पहला जन्म प्रमाण पत्र 1 जनवरी 1993 का है, जबकि दूसरा जन्म प्रमाण पत्र लखनऊ से बनवाया गया था जिसमें उनकी जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 है.

ये घटनाक्रम अब्दुल्ला आजम के लिए एक नया झटका है, जिन्हें 15 साल पुराने मामले में दोषी ठहराए जाने और दो साल की कैद की सजा सुनाए जाने के बाद इस साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते इस मामले में अब्दुल्ला की सजा पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था. इससे पहले, आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला दोनों को 2019 के नफरत भरे भाषण मामले में दोषी ठहराया गया था. अयोग्य ठहराए जाने से पहले आजम खान और अब्दुल्ला ने रामपुर जिले के सुअर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था.

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