नई दिल्ली: स्वदेशी बोफोर्स तोपों को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. स्वदेशी बोफोर्स तोपों में लगाए गए कल-पुर्जों में मेड इन जर्मनी के टैग लगाकर चीन के पार्ट्स लगा दिए गए.  सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली आधारित एक कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.Also Read - पश्चिम बंगाल के स्कूलों में 'ग्रुप डी' कर्मियों की भर्ती की CBI जांच के आदेश पर कलकत्ता हाईकोर्ट की रोक

‘सिद्ध सेल्स सिंडीकेट’ के अलावा सीबीआई ने धनुष तोपों के लिए चीन में बने नकली कल-पुर्जे की बतौर ‘मेड इन जर्मनी’ आपूर्ति किए जाने को लेकर ‘गन्स कैरिज फैक्टरी’ (जीसीएफ)- जबलपुर के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया है. Also Read - Narendra Giri Death Case: CBI ने आनंद गिरि समेत तीन के खिलाफ आरोप पत्र किया दाखिल

जांच एजेंसी ने एफआईआर में कहा, ‘‘जीसीएफ के अज्ञात अधिकारियों ने चीन में बने ‘वायर रेस रोलर बियरिंग्स’ को स्वीकार कर लिया. इसकी आपूर्ति सिद्ध सेल्स सिंडिकेट की ओर से ‘सीआरबी-मेड इन जर्मनी’ के तौर पर की गई थी. Also Read - CBI, ED निदेशक के कार्यकाल का विस्तार: इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं TMC सांसद महुआ मोइत्रा, किया ये ट्वीट

एफआईआर में कहा गया है कि ऐसी चार बियरिंग के लिए निविदा जारी की गई थी. 2013 में 35.38 लाख रुपए मूल्य का ऑर्डर सिद्ध सेल्स सिंडिकेट को दिया गया. सात अगस्त, 2014 को ऑर्डर बढ़ाकर छह बियरिंग का कर दिया गया जिसका मूल्य 53.07 लाख रुपये हो गया. कंपनी ने सात अप्रैल, 2014 और 12 अगस्त, 2014 के बीच तीन मौकों पर दो-दो बियरिंग की आपूर्ति की गई.

बता दें कि बोफोर्स तोप का स्वदेशी वर्जन धनुष है. 1999 में हुए पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध में बोफोर्स तोपों ने जबरदस्त प्रर्दशन कर दुश्मनों को ध्वस्त कर दिया था.