नई दिल्ली: इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से सीआईएसएफ कर्मियों ने एक फर्जी पायलट को गिरफ्तार किया है. यह फर्जी पायलट लंबी कतार और सुरक्षा जांच से बचने के लिए लुफ्थांसा एयरलाइंस के पायलट के ड्रेस कोड का इस्तेमाल करता था. राजन महबूबानी (48) को उस समय पकड़ जब वह एयरलाइन पायलट की वर्दी पहने हवाईअड्डे के गेट से घुस रहा था. उन्होंने कहा कि वह कोलकाता के लिए एयर एशिया की फ्लाइट में सवार होने वाला था. सीआईएसएफ ने आगे की जांच के लिए उसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया.

एक वरिष्ठ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के अधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई जर्मन एयरलाइंस के मुख्य सुरक्षा अधिकारी (CSO) द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर की गई. जानकारी में कहा गया था कि लुफ्थांसा एयरलाइंस के पायलट के गेटअप में एक संदिग्ध यात्री है. जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के वसंत कुंज क्षेत्र में रहता है. उसके पास लुफ्थांसा एयरलाइंस के पायलट का फर्जी आईडी कार्ड था, वह इसका इस्तेमाल हवाई अड्डों पर विशेषाधिकार प्राप्त करने के लिए किया करता था. अधिकारी ने कहा कि यात्री ने खुलासा किया कि वह विमानों पर YouTube वीडियो शूट करता था और बैंकॉक में लुफ्थांसा का फर्जी आईडी कार्ड रखता था. पुलिस पूछताछ के दौरान यह पता चला कि महबूबानी अलग-अलग पेशों की वर्दी पहनता था और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करता था. उसके फोन में आर्मी कर्नल के वेशभूषा वाली तस्वीरें भी मिली हैं. पुलिस ने कहा कि उसने खुद को टिकटॉक पर अलग-अलग वर्दी पहने हुए वीडियो दिखाए थे.

पुलिस उपायुक्त (आईजीआई एयरपोर्ट) संजय भाटिया ने कहा कि पूछताछ के दौरान महबूबानी ने कहा कि वह आसानी से आने-जाने और सुरक्षा जांच के दौरान छूट मिलने की वजह से अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस के पायलट के रूप में काम करता था. वह उस रास्ते से उतरता था जहां से विमान में सवार होने के लिए आमतौर पर एयरलाइन चालक दल के सदस्यों द्वारा उपयोग किया जाता था. वह लुफ्थांसा एयरलाइंस का जाली पहचान पत्र भी ले रखा था. डीसीपी ने कहा कि उन्हें संबंधित एयरलाइनों से पायलट के रूप में वीआईपी ट्रीटमेंट मिलता था. कभी-कभी वह अपनी सीट को अपग्रेड करने में कामयाब हो जाता था. पुलिस अधिकारी ने कहा कि उसके खिलाफ मामला दर्ज करके उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है.