नई दिल्ली: लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया पर तमाम अफवाहें फैल रही हैं. इससे शासन-प्रशासन के सामने खड़ी होती चुनौती को देखते हुए भारत सरकार का पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) फेक न्यूज के खिलाफ मुहिम चला रहा है. हर दिन पीआईबी झूठी खबरों का भंडाफोड़ करता है. पीआईबी ने बुधवार को दो सूचनाओं की सत्यता परखी. वायरल होती एक सूचना सही निकली और दूसरी गलत. Also Read - नहाने के बाद भी नहींं फील होता है रिफ्रेशिंग तो अपनाए ये तरीके, थकान हो जाएगी दूर

पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने झारखंड के एक न्यूज पोर्टल से फैल रही उस अफवाह का भंडाफोड़ किया, जिसमें दावा किया गया है कि जयपुर के ट्रांसपोर्टनगर में एक साधु की चिलम (स्मोकिंग पाइप) की वजह से 300 लोग कोविड-19 से संक्रमित हो गए. जयपुर के जिलाधिकारी कार्यालय ने पीआईबी को बताया कि ऐसी कोई घटना नहीं घटी और यह खबर झूठी है. Also Read - World Environment Day 2020: इन आइडियाज के साथ इस बार घर पर रहकर ही मनाएं विश्व पर्यावरण दिवस

पीआईबी ने केंद्रीय श्रम मंत्रालय से जुड़ी वायरल होती एक सूचना की भी सत्यता परखी. यह सूचना सही मिली. दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल होती पोस्ट में कहा गया है कि केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने सभी मुख्य सचिवों से अनुरोध किया है कि वे कोविड-19 के कारण नियोक्ताओं को वेतन न काटने या कम न करने की सलाह दें. पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने इस तथ्य की पुष्टि की. Also Read - कोरोना: भारत में एक दिन में सामने आए रिकॉर्ड मामले, संक्रमितों की संख्या 2 लाख सात हज़ार पार

बता दें कि कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है. इस बीच कई ऐसी ख़बरें भी वायरल होती हैं, जो सही नहीं होती. इन खबरों पर नज़र रखी जा रही है. और खंडन भी किया जाता है. यूपी में पुलिस भी कई ख़बरों का खंडन कर चुकी है.