नई दिल्ली: लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया पर तमाम अफवाहें फैल रही हैं. इससे शासन-प्रशासन के सामने खड़ी होती चुनौती को देखते हुए भारत सरकार का पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) फेक न्यूज के खिलाफ मुहिम चला रहा है. हर दिन पीआईबी झूठी खबरों का भंडाफोड़ करता है. पीआईबी ने बुधवार को दो सूचनाओं की सत्यता परखी. वायरल होती एक सूचना सही निकली और दूसरी गलत. Also Read - Complete Lockdown in Uttarakhand: उत्तराखंड में एक सप्ताह के लिए लगाया गया पूर्ण लॉकडाउन, सख्त पाबंदियों के साथ गाइडलाइन जारी

पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने झारखंड के एक न्यूज पोर्टल से फैल रही उस अफवाह का भंडाफोड़ किया, जिसमें दावा किया गया है कि जयपुर के ट्रांसपोर्टनगर में एक साधु की चिलम (स्मोकिंग पाइप) की वजह से 300 लोग कोविड-19 से संक्रमित हो गए. जयपुर के जिलाधिकारी कार्यालय ने पीआईबी को बताया कि ऐसी कोई घटना नहीं घटी और यह खबर झूठी है. Also Read - Haryana Lockdown Update: हरियाणा में एक सप्ताह के लिए बढ़ाया गया लॉकडाउन, जारी रहेंगी सख्त पाबंदियां: दिशानिर्देश जारी करेगी सरकार

पीआईबी ने केंद्रीय श्रम मंत्रालय से जुड़ी वायरल होती एक सूचना की भी सत्यता परखी. यह सूचना सही मिली. दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल होती पोस्ट में कहा गया है कि केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने सभी मुख्य सचिवों से अनुरोध किया है कि वे कोविड-19 के कारण नियोक्ताओं को वेतन न काटने या कम न करने की सलाह दें. पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने इस तथ्य की पुष्टि की. Also Read - Covid-19 In Delhi Updates: कोरोना के कहर में कमी दिखी, 13000 नए केस, आप बोली- ऑक्‍सीजन कम म‍िली

बता दें कि कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है. इस बीच कई ऐसी ख़बरें भी वायरल होती हैं, जो सही नहीं होती. इन खबरों पर नज़र रखी जा रही है. और खंडन भी किया जाता है. यूपी में पुलिस भी कई ख़बरों का खंडन कर चुकी है.