कासगंज (उत्तर प्रदेश). गणतंत्र दिवस पर कासगंज में हुई साम्प्रदायिक हिंसा में मारे गये युवक के परिजन को कथित रूप से धमकी मिलने के बाद पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया करायी गई है. प्राप्त शिकायत के आधार पर पुलिस के एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान हुए विवाद में मारे गये चंदन गुप्ता के पिता सुशील गुप्ता ने गुरुवार की रात दो मोटरसाइकिल सवार युवकों ने धमकी दी. 

कासगंज हिंसाः चंदन पर छत से चलाई थी गोली, सलीम ने कबूल किया गुनाह

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उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद गुप्ता परिवार की सुरक्षा में पुलिसकर्मी तैयार कर दिये गये हैं. मालूम हो कि गणतंत्र दिवस पर विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल तथा कुछ अन्य संगठनों के कार्यकर्ता एक अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र से तिरंगा यात्रा निकालने की कोशिश कर रहे थे. इसी बात को लेकर दो समुदायों में शुरू हुई बहस हिंसक झड़प में तब्दील हो गयी थी. इस दौरान हुई गोलीबारी में चंदन नामक युवक की गोली लगने से मौत हो गयी थी, जबकि नौशाद गम्भीर रूप से घायल हो गया था.

सलीम ने कबूला जुर्म
पुलिस ने चंदन की हत्या के मामले में सलीम नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि सलीम ने ही चंदन को गोली मारी थी. कासगंज हिंसा मामले में गिरफ्तार किए गए सलीम जावेद ने चंदन गुप्ता पर गोली चलाए जाने की बात कबूल ली है. लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, कासगंज में 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा में मारे गये चंदन गुप्ता (22) की हत्या के मुख्य आरोपी सलीम ने चंदन पर गोली चलाने की बात स्वीकार भी कर ली है. सलीम के भाइयों नसीम और वसीम की तलाश की जा रही है.

इस मामले में दर्ज प्राथमिकी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के अनुसार सलीम ने अपने घर की बालकनी या छत से गोलियां चलाई थीं. इस घटना में चंदन की मौत के बाद उग्र भीड़ ने कम से कम तीन दुकानों, दो बसों और एक कार को आग के हवाले कर दिया था. कासगंज के पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि ‘कल (31 जनवरी) रात से आज (1 फरवरी) तक हिंसा की कोई नयी घटना नहीं हुई है.’