भारतीय राजनीति के भीष्‍म पितामह अटल बिहारी वाजपेयी अंतिम सांसें गिन रहे हैं. राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से अलग पूरा देश उनके अच्‍छे स्‍वास्थ्‍य की कामना कर रहा है. सक्रिय राजनीति में रहते हुए वाजपेयी की भाषण कला के सभी मुरीद थे. उनके चुटीले जवाबों से पूछने वालों के चेहरे पर भी हंसी बिखर जाती थी. आइए जानते हैं उनके ऐसे ही कुछ वन लाइनर्स के बारे में…Also Read - 3000 मी. की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी सुरंग का नाम पूर्व पीएम के नाम पर होगा

रामविलास पासवान: बीजेपी बहुत राम की बातें करती है, पर उनमें कोई राम नहीं है. मेरा नाम तो राम ही है.
जवाब: पासवान जी, हराम में भी राम होता है. Also Read - Madhya Pradesh Election Results 2018: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा 502 वोट से पीछे

लोकसभा में विपक्ष: वाजपेयी तो अच्‍छा है पर पार्टी ठीक नहीं.
जवाब: तो अच्‍छे वाजपेयी का आप क्‍या करने का इरादा रखते हैं. Also Read - छत्‍तीसगढ़: सीएम रमन सिंह के गढ़ में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर टिकट मांग रही हैं भाजपा और कांग्रेस

रिपोर्टर: बेनजीर भुट्टो को आज रात आप क्‍या मैसेज भेजेंगे?
जवाब: यदि मैं सुबह उन्‍हें संदेश भेजूं तो इसमें क्‍या बुराई है?

पत्रकार: बीजेपी में एक बाजपेयी का दल है, एक आडवाणी का दल है.
जवाब: मैं कोई दलदल में नहीं हूं. मैं औरों के दलदल में अपना कमल खिलाता हूं.

पाकिस्‍तान के मंत्री: कश्‍मीर के बिना पाकिस्‍तान अधूरा है.
जवाब: पाकिस्‍तान के बिना हिंदुस्‍तान अधूरा है.

पाकिस्‍तान के बारे में: आप मित्र बदल सकते हैं, पड़ोसी नहीं.

पाकिस्‍तान में आतंकी कैंपों के बारे में: पड़ोसी कहते हैं कि एक हाथ से ताली नहीं बजती, हमने कहा कि चुटकी तो बज सकती है.

बिहार में एक रैली को संबोधित करते हुए: मैं अटल भी हूं, मैं बिहारी भी हूं.