नई दिल्ली: अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर बागपत के बड़ौत में सैकड़ो किसान 21 मई से धरने पर बैठे हैं. धरना दे रहे इन किसानों में से एक किसान की शनिवार को धरना स्थल पर ही मौत हो गई. घटनास्थल से करीब 30 किलोमीटर दूर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेसवे (ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे) परियोजना का किया.आंदोलनकारी किसानों ने शव पुलिस को सौंपने से इनकार कर दिया. किसानों के आक्रोश को शांत करने के लिए मौके पर पहुंचे एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने आंदोलनकारियों के बीच मृतक 60 वर्षीय किसान के परिवार वालों को शासन से 12 लाख रुपये मुआवजा दिलवाने की घोषणा की जिसके बाद ही किसानों ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए पुलिस को सौंपते हुए धरना खत्म कर दिया. Also Read - केंद्रीय रेल राज्‍य मंत्री सुरेश अंगड़ी का कोरोना से निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख

किसान की मौत को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने निशाना साधा है. उन्होंने रविवार को ट्वीट किया, UP के गन्ना किसान सोच रहे हैं कि UPA काल की परियोजना का श्रेय लेने आए प्रधानमंत्रीजी रोड शो करते हुए उनके खेतों को चीरते हुए निकल जाते हैं लेकिन उनका ध्यान उनपर क्यों नहीं जाता? दुर्भाग्य से उदयवीर जैसे किसान जिन्होंने अपने हक के लिए लड़ते हुए अपनी जान दे दी, ये सोच भी नहीं सकते. Also Read - मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने किसानों का कर्ज माफ किया, भाजपा ने झूठ बोला, सच सामने आया: राहुल गांधी

मौके पर पहुंचे आरएलडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि वास्तव में जो आदमी अपने स्वार्थ की लड़ाई न लड़कर दूसरों के लिए कुर्बानी दे दे, उसे शहीद ही कहा जाता है. बड़ौत तहसील में किसान संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में 21 मई से किसान पांच सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे.

धरने पर बैठे किसान की मौत को लेकर आरएलडी के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी ट्वीट किया. ‘जिमाना गांव के उदयवीर, गन्ना बकाया और बढ़े बिजली बिल के विरोध में क्षेत्र के किसानों के साथ 5 दिन से बड़ौत तहसील पर धरने पर थे. आज लड़ते-लड़ते उनका धरनास्थल पर निधन हो गया. किसान इस सरकार को सबक सिखाएगा.’

क्या है किसानों की मांग
धरना दे रहे किसानों का कहना था कि पिछले दो साल से घरेलू बिजली का रेट चार गुना बढ़ा दिया गया है. नलकूप का बिजली भार 100 हॉर्स पावर से 180 हॉर्स पावर कर दिया गया है, वहीं बिजली बिल पर इस वर्ष मार्च में पेनाल्टी ब्याज की छूट नहीं दी गई और न ही किसानों को इस सत्र का गन्ना भुगतान मिला है, जिस कारण किसान बढ़े हुए बिल का भुगतान करने में असमर्थ है. उनकी सरकार से मांग थी कि नलकूप की बिजली दर हरियाणा के समक्ष 35 रुपये प्रति हॉर्स पावर किया जाए, यदि यह दर नहीं की गई तो किसान बर्बाद हो जाएगा. साथ ही गन्ने का बकाया भुगतान तत्काल दिलाया जाए.