नई दिल्ली: ट्रैक्टर रैली हिंसा (Tractor Rally Violence) मामले में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने दावा किया है कि रैली के लिए किसानों ने पहले जो बताया, उससे वह रैली के दौरान पलट गए. किसानों ने वैसा नहीं किया, जो-जो दिल्ली पुलिस को पहले बताया था. दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया कि कई किसानों नेताओं ने हिंसा भड़काने का काम किया. भड़काऊ भाषण दिए. Also Read - राहुल गांधी ने अनुराग कश्‍यप और तापसी पन्‍नू पर IT Raid को लेकर सरकार पर कसा तंज

दिल्ली के पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि किसानों को रोकने के लिए पुलिस के पास सभी विकल्प थे. हम किसी भी तरह से जानमान का नुकसान चाहते हैं. हिंसा में 394 पुलिसकर्मी घायल हुए. कई पुलिसकर्मी आईसीयू में हैं. इस पूरी हिंसा के दौरान पुलिस ने संयम बरता है. Also Read - Kisan Andolan: किसान आंदोलन से NHAI के सामने बड़ी चुनौतियां, कई प्रोजेक्ट के काम लटके

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि किसान नेता भी हिंसा में शामिल रहे. दर्शनपाल सिंह (Darshan Pal Singh) ने भड़काऊ भाषण दिए. राकेश टिकैत (Rakesh Tikait), बूटा सिंह (Buta Singh) ने भी हिंसा कराई. जिन लोगों ने भी हिंसा कराई, उन सभी के वीडियो हमारे पास हैं. हम अब तक 25 से अधिक केस दर्ज कर चुके हैं. किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जायेगा. जो भी किसान नेता इसमें पाए जाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई जाएगी. राष्ट्र के सम्मान में दिल्ली पुलिस जो भी कर सकती है, करेगी. किसान संगठनों से पूछताछ की जाएगी. Also Read - Kisan Andolan: आंदोलन तेज करेंगे किसान- SKM का ऐलान, चुनावी राज्यों में BJP का करेंगे विरोध और 12 मार्च को...