चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ कुछ राजनीतिक दल एवं संगठन किसान आंदोलन को ‘प्रायोजित’ कर रहे हैं . खट्टर ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर भी हमला बोला और दावा किया वह इस मसले पर उनसे बातचीत करना चाहते थे और तीन दिन तक उनके कार्यालय में टेलीफोन किया लेकिन उन्होंने इसका कोई उत्तर नहीं दिया. Also Read - Kisan Andolan: कब खत्म होगा किसानों का आंदोलन? कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दिया यह जवाब...

हालांकि, अमरिंदर सिंह ने खट्टर के उन आरोपों को खारिज किया कि बार-बार प्रयास के बावजूद उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री से बातचीत नहीं की. सिंह ने कहा कि वह खट्टर से तब तक बात नहीं करेंगे, जब तक वह दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर हुई ‘बर्बरता’ के लिए माफी नहीं मांग लेते. Also Read - Kisan Andolan: मुंबई रैली में गरजे शरद पवार, पीएम मोदी से पूछा, क्या ये किसान पाकिस्तान के हैं?

इसमें ‘साजिश’ होने का दावा करते हुये, खट्टर ने गुरूग्राम में संवाददाताओं से कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के कार्यालय के अधिकारी पंजाब के प्रदर्शनकारी किसानों को निर्देश दे रहे हैं . उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की शुरूआत पंजाब के किसानों ने की है और कुछ राजनीतिक दल एवं संगठन इसे ‘प्रायोजित’ कर रहे हैं . Also Read - Farmers Rally in Mumbai: Azad Maidan में हजारों किसानों का जमावड़ा, कुछ देर में शरद पवार करेंगे संबोधित

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध राजनीतिक दलों द्वारा समर्थित है और इनका लिंक खालिस्तान से भी है. उन्होंने मीडिया को बताया, “राज्य को राष्ट्रीय राजधानी में और आसपास चल रहे किसानों के विरोध में खालिस्तान समर्थक नारे लगाने वाले कुछ अवांछित तत्वों के इनपुट मिले हैं.”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे पास इनपुट है कि कुछ अवांछित तत्व भीड़ के अंदर आए हुए हैं. हमारे पास इसकी रिपोर्ट है. अभी इसका खुलासा करना ठीक नहीं है. उन्होंने सीधे नारे लगाए हैं. जो ऑडियो और वीडियो सामने आए हैं, उनमें इंदिरा गांधी को लेकर साफ नारे लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि जब इंदिरा के साथ ये कर दिया तो मोदी क्या चीज है.” उन्होंने कहा कि इसकी ‘ठोस’ जानकारी मिलने के बाद वह पूरी जानकारी साझा करेंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे पास भीड़ में मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों के इनपुट हैं. हमारे पास इसकी रिपोर्ट भी है और एक बार ठोस जानकारी मिलने पर हम इसका खुलासा करेंगे. यही लोग उस तरह के नारे लगा रहे थे.”

खट्टर ने दावा किया कि हरियाणा के किसानों ने इस आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया है . उन्होंने कहा, ‘इसके लिये मैं हरियाणा के किसानों का धन्यवाद देना चाहता हूं .’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं हरियाणा पुलिस की भी तारीफ करता हूं कि उन्होंने पिछले दो दिन में, जब से यह मामला (दिल्ली चलो मार्च) शुरू हुआ है, संयम से काम लिया है और बल का इस्तेमाल नहीं किया .’ मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग इसमें अपनी राजनीति कर रहे हैं जो बेहद निंदनीय है .

यह पूछे जाने पर कि किसानों के मार्च से पहले क्या उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री से बातचीत करने का प्रयास किया, खट्टर ने कहा, ‘मेरे कार्यालय ने मुझे बताया कि उन्होंने छह से सात बार उनसे (अमरिंदर सिंह से) दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया और हर बार उनके कर्मचारियों ने कहा कि हम जल्दी ही संपर्क करेंगे और उस वक्त उन्होंने यह दलील दी कि मुख्यमंत्री बैठकों में और अन्य कार्यों में व्यस्त हैं .’ हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह बड़ी विचि​त्र स्थिति है कि एक राज्य का मुख्यमंत्री दूसरे राज्य के अपने समकक्ष से बातचीत करना चाहता है, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद वह इसमें सफल नहीं हो पाता है . मैं छह साल से मुख्यमंत्री हूं . इससे पहले कभी ऐसी बात नहीं हुयी .