Farmer Protest: किसान संगठनों के नेताओें ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को उनके धरना स्थल पर चल रहे लंगर में ‘जलेबी, चाय-पकौड़े’ का स्वाद लेने के लिये मंगलवार को आमंत्रित किया. किसानों का कहना है कि मंत्री वहीं आकर उनके साथ बातचीत करें. Also Read - बीजेपी में जाने पर भी खटपट! ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस बड़े BJP नेता से बढ़ रही हैं दूरियां, सियासी घमासान के आसार

तीन नए कृषि कानूनों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन को लेकर सरकार के साथ हुई मैराथन बैठक के बीच विराम के दौरान मंत्री ने उन्हें चाय पीने का आग्रह किया था. इसके बाद किसान नेताओं ने उन्हें यह न्यौता दिया. Also Read - कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने फिर की अपील, 'कानून निरस्त करने के अलावा विकल्प बताएं किसान यूनियन'

उल्लेखनीय है कि सरकार ने सितंबर में तीन नए कृषि कानून पारित किए थे, जिसके विरोध में बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर हैं. दिल्ली की सीमाओं पर किसानों को रोके जाने के बाद उन्होंने वहीं डेरा जमाया है. खाने-पीने के लिए वहां लंगर का इंतजाम भी है. Also Read - Farmers Protest: किसानों और सरकार के बीच नौवें दौर की वार्ता भी रही बेनतीजा, अगली मीटिंग 19 जनवरी को

जम्हूरी किसान सभा के कुलवंत सिंह संधू ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ तोमर साहब ने हमें बैठक के बीच में चाय पीने का आग्रह किया था. अब बदले में हम तोमर साहब को हमारे विरोध प्रदर्शन स्थल पर आकर चाय पीने का न्यौता दे रहे हैं. इतना ही नहीं लंगर पर उन्हें साथ में जलेबी और पकौड़ा भी खिलाया जाएगा.’’ उनके इतना कहते ही वहां आस-पास खड़े लोगों के चेहरे पर मुस्कान खिल गयी.

उन्होंने कहा कि किसान संगठनों के नेता विराम की अवधि का उपयोग सरकार के समिति बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए करना चाहते हैं.

बैठक के दौरान सरकार ने नए कृषि कानूनों पर किसानों की आपत्तियों पर विचार करने के लिए समिति बनाने का सुझाव दिया है, लेकिन प्रदर्शन कर रहे 35 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने इसे खारिज कर दिया. तीन केंद्रीय नेताओं के साथ हई यह मैराथन बैठक बेनतीजा रही. सरकार ने अगले दौर की बैठक तीन दिसंबर को बुलायी है.

(इनपुट भाषा)