Farmer’s Agitation Updates: तीन कृषि कानूनों (Three Farm Laws) के खिलाफ किसान पिछले एक साल से दिल्ली की सीमाओं (Farmers Agitation at Delhi’s Border) पर डटे हुए हैं. तीनों कृषि कानूनों को केंद्र सरकार वापस (Farm Laws Replead) ले चुकी है और संसद के शीतकालीन सत्र (Winter Session of Parliament) में इस पर संसद की मुहर भी लग चुकी है. एमएसपी (MSP) और आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के मुआवजे के मुद्दे पर अब भी किसान डटे हुए हैं. इधर सरकार ने मंगलवार को किसानों को उनकी घर वापसी को लेकर लिखित में प्रस्ताव दिया. संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) के 5 सदस्यीय कमेटी के सदस्य अशोक धवले (Ashok Dhawle) ने बुधवार को कहा, ‘सरकार बातचीत को तैयार है और लिखित में कुछ दे रही है तो हम इस बात की सराहना करते हैं. लेकिन सरकार के प्रस्ताव में कुछ खामियां हैं. इसलिए कल रात हमने सरकार के प्रस्ताव को कुछ संशोधनों के साथ लौटा दिया था, अब हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं.’Also Read - UP में BJP अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने किया डोर-टू-डोर प्रचार, अखिलेश यादव पर आतंकियों के केस हटाने के आरोप लगाए

उन्होने कहा, ‘एमएसपी को ध्यान में रखते हुए एक कमेटी का गठिन किया जाना चाहिए और इसमें किसान संगठनों के लोग भी शामिल होने चाहिए. सरकार ने यह भी कहा है कि हमारे आंदोलन खत्म करने के बाद हम लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापस ले लिया जाएगा, जो गलत है. हमें कौन सा यहां ठंड में बैठे रहना अच्छा लग रहा है.’ बता दें कि किसान संगठनों को आंदोलन खत्म करने के बाद उनके खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की शर्त मंजूर नहीं है. Also Read - एयरपोर्ट अफसरों ने हेलीकॉप्‍टर की उड़ान में देरी की वजह बताई तो अखिलेश बोले- मुझे कैसे पता होगा कि क्या कारण था

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संयुक्त किसान मोर्चा के नेता अशोक धवले ने कहा, मुआवजे पर सैद्धांतिक रूप से मंजूरी मिल चुकी है, हम पंजाब की तरह कुछ ठोक आश्वासन चाहते हैं. उन्होने बिजली बिल वापस लेने का भी वादा किया था, लेकिन अब वे इस पर अन्य हितकारकों के साथ चर्चा करना चाहते हैं और उसके बाद संसद में इसे रखा जाएगा. यह विरोधाभासी है.

Live Updates

  • 12:49 PM IST

    किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने दिल्ली में कहा, सरकार जब तक हमारी सभी मांगें नहीं मान लेती, यह आंदोलन ऐसे ही चलते रहेगा. अगर वे हमारे ऊपर लगाए गए केस वापस नहीं लेते हैं तो इस समय आंदोलन खत्म करना हमारे लिए परेशानी का कारण बन सकता है. सरकार को केस वापस लेने के लिए एक समय-सीमा तय करके बतानी चाहिए.

  • 11:49 AM IST

    संयुक्त किसान मोर्चा की पांच सदस्यीय कमेटी की बैठक दिल्ली में शुरू हुई