नई दिल्ली: रामलीला मैदान में गुरुवार से डेरा डाले देशभर से आए हजारों किसानों ने शुक्रवार को भारी-भरकम सुरक्षा के बीच संसद की ओर मार्च शुरू कर दिया. अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति मार्च अब संसद मार्ग (पुलिस स्टेशन के पास ) पहुंच गया है. कर्ज राहत और उपज का उचित मूल्य देने समेत उनकी कई मांगें हैं. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मार्च के मार्ग पर साढ़े तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि मध्य दिल्ली और नई दिल्ली पुलिस जिलों में मार्च को देखते हुए विशेष बंदोबस्त किए गए हैं. उप-निरीक्षक रैंक तक के लगभग 850 पुलिसकर्मियों को मध्य जिले में तैनात किया गया है. उनके अलावा 12 पुलिस कंपनियां होंगी जिनमें से दो कंपनियां महिला पुलिसकर्मियों की होंगी. प्रत्येक कंपनी में 75-80 पुलिसकर्मी हैं.

बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बीच संसद भवन की ओर हजारों किसानों के मार्च से मध्य और लुटियन दिल्ली में यातायात व्यवस्था प्रभावित है. हजारों किसान गुरुवार से ही रामलीला मैदान में रूके हुए थे और शुक्रवार की सुबह उन्होंने संसद भवन की ओर मार्च शुरू किया. किसान कर्ज माफी और फसलों की अधिक कीमतों की मांग सहित कई अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. यातायात व्यवस्था जवाहरलाल नेहरू मार्ग, गुरू नानक आई हॉस्पिटल, महाराजा रंजीत सिंह फ्लाइओवर, बाराखम्बा चौक और जनपथ पर आज सुबह से प्रभावित है. राहगीरों को इन मार्गों से नहीं जाने की सलाह दी गई है.

नई दिल्ली जिले में उप-निरीक्षक रैंक तक के लगभग 346 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. अन्य जिलों के 600 पुलिसकर्मी भी उनकी सहायता के लिए मौजूद रहेंगे. निरीक्षक से लेकर अतिरिक्त डीसीपी रैंक तक के 71 अधिकारियों के साथ-साथ नौ पुलिस कंपनियां भी मौजूद हैं.आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश समेत देशभर से आए किसान बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान में इकट्ठे हुए थे.

कर्ज माफी और फसलों के उचित दाम की मांग को लेकर हजारों किसान दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं. रामलीला मैदान में जुटे किसानों ने राम मंदिर नहीं कर्जमाफी चाहिए जैसे नारे लगाए. आज किसान संसद तक मार्च करने वाले हैं. अपने हक के लिए आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने कहा कि कोई भी सरकार किसानों के समर्थन के बिना नहीं टिक सकती है. किसानों को संबोधित करते हुए गौड़ा ने कहा कि वह उनके दुख और दिक्कतों को समझते हैं क्योंकि वह खुद किसान के बेटे हैं.

उन्होंने कहा, ‘मैं आपको आश्वासन देने आया हूं कि संघर्ष की इस घड़ी में हम आपके साथ हैं. मैं आपके दुख और तकलीफों को समझता हूं.’ बाद में रामलीला मैदान में संवादाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने केन्द्र सरकार से किसानों की मांग सुनने को कहा. उन्होंने कहा, ‘कोई सरकार किसानों के (समर्थन) बिना नहीं चल सकती है. केन्द्र सरकार को उनकी मांगें सुननी चाहिए. इस देश के किसान जाग चुके हैं और उन्हें बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता.’