नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बताया कि वह किसानों के लिए एक योजना शुरू करने जा रही है, जिसके तहत वे अपने खेतों में दो मेगावाट अक्षय ऊर्जा के उत्पादन के लिए सोलर पैनल लगा सकते हैं और सरकार इस बिजली को खरीदेगी. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने गुरुवार को लोकसभा में सुशील कुमार सिंह के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए विश्वास जताया कि सरकार 2022 तक 175 गीगा वॉट अक्षय ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को न केवल हासिल करेगी, बल्कि इसे पार भी करेगी.

सरकार ने 2022 तक अक्षय या नवीकरणीय ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों से ग्रिड संबंद्ध अक्षय ऊर्जा की 175 गीगा वाट क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसमें सौर ऊर्जा से 100 गीगा ट, पवन ऊर्जा से 60 गीगा वाट, जैव ऊर्जा से 10 गीगा वाट और लघु पन बिजली से 5 गीगा वाट क्षमता शामिल है. सिंह ने कहा कि भारत अक्षय ऊर्जा के उत्पादन के मामले में सर्वाधिक तेज गति से काम करने वाले देशों में शामिल हुआ है.

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री सिंह ने कहा कि सरकार अगले 15 से 20 दिन में किसानों के लिए एक योजना शुरू करने वाली है, जिसके तहत वे अपने खोतों में दो मेगावाट क्षमता के सोलर पैनल लगा सकते हैं और इससे बनने वाली बिजली सरकार उनसे खरीदेगी. ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इससे किसानों को एक साल में एक लाख रुपये तक की आमदनी हो सकती है.

सिंह ने कहा कि जो किसान सोलर पैनल लगाने में लागत की दिक्कत का सामना करेंगे वे इसके लिए अपनी जमीन डवलपर को दे सकते हैं और इससे भी उन्हें लाभ होगा.