लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शास्त्री भवन में गौतमबुद्ध नगर के जेवर से आए किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात व बैठक की. प्रतिनिधिमंडल जेवर में अंतर्राष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण में आने वाली समस्याओं को लेकर मिला और एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन प्रदान करने के सम्बन्ध में सहमति पत्र सौंपा. Also Read - Fresh Guidelines for International Passengers: विदेश से आ रहे यात्रियों के लिए जारी की नई गाइडलाइन, अब इन नियमों का करना होगा पालन

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किसानों ने अपने क्षेत्र के विकास और जनहित में उन सभी ने मिलकर जमीन देने का फैसला लिया है. किसानों ने भरोसा जताया कि राज्य सरकार भविष्य में उनके जीवन यापन और उचित विस्थापन के दृष्टिगत समुचित कदम उठाएगी. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों के फैसले की प्रशंसा की और कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सभी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए. देश, प्रदेश और समाज की तरक्की एवं खुशहाली के लिए किसानों द्वारा हमेशा आगे बढ़कर योगदान किया गया है. जेवर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के लिए किसानों के सहयोग और योगदान को सदैव सराहा जाएगा.

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ये लोग रहे शामिल

प्रतिनिधिमंडल में जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह, रोही के प्रधान भगवान सिंह, बनवारीवास के प्रधान त्रिलोकचन्द शर्मा के अलावा हंसराज सिंह, पुष्प कुमार शर्मा, योगेन्द्र सिंह छौंकर, संजय कुमार, हरविन्द्र सिंह, विनोद चौहान, सुशील शर्मा, यशपाल सिंह, दरियाब सिंह, जफर खान, योगजीत सिंह, मौज्जम खान, तारा सिंह प्रधान, योगेन्द्र अत्री, चन्द्रभान सिंह मलिक व कुलदीप सिंह उपस्थित थे.

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90 फीसदी से ज्यादा जमीन के लिए सहमति

इस मौके पर विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि 90 फीसदी से ज्यादा जमीन के लिए सहमति बन गई है. 70 फीसदी से ज्यादा किसानों की सहमति मिल चुकी है. विधायक ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार के लोग नहीं चाहते थे कि जेवर में एयरपोर्ट बने. इस अवसर पर यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार तथा प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल मौजूद थे.