नई दिल्ली. अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले राजधानी दिल्ली पहुंचे देशभर के किसानों ने केंद्र सरकार तक अपनी बातें पहुंचाने की शुरुआत की, तो राजनीतिक दल भी उनके साथ हो लिए. कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, राकांपा, वामदल समेत कई दलों के नेता जंतर-मंतर से संसद तक किसानों के मार्च का समर्थन देने पहुंचे. पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के प्रचार में जुटे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी अपने व्यस्त चुनावी कार्यक्रम से समय निकालकर इस आंदोलन को ‘धार’ देने पहुंचे हैं. राहुल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान जो कहेंगे, कांग्रेस पार्टी उसे कर के दिखाएगी. राहुल ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ है. Also Read - किसानों से बातचीत से पहले मोदी सरकार के दिग्गज मंत्रियों की बैठक, इस रणनीति पर हो रही चर्चा!

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राहुल गांधी ने किसानों से अपने संबोधन में कहा, ‘हमारी विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन हम किसानों के सवाल पर एक हैं. किसी को जो करना है करे. ये जो आवाज़ किसानों की उठ रही है, उसे चुप नहीं कराया जा सकता. कोई भी सरकार अगर किसानों का अपमान करेगी तो वो सरकार हटा कर रहेंगे. किसान हमसे जो कहेंगे वो हम कर के दिखाएंगे.’ राहुल ने किसानों की कर्जा माफी का मुद्दा उठाते हुए कहा, ‘इस देश को कोई एक आदमी नहीं, बल्कि देश के किसान चलाते हैं. इसलिए किसानों की मांग को अनसुना करना गलत है.’ केंद्र सरकार पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘मोदीजी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी का वादा किया था, प्रधानमंत्री ने बोनस का वादा किया था, लेकिन आज की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हालात किस कदर खराब हो गए हैं.’

‘माफ कीजिएगा, हमारे इस मार्च से आपको परेशानी हुई होगी, हमें आपका बस एक मिनट चाहिए’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए उनके साथ धरनास्थल पहुंचकर सभा को संबोधित किया. देश के लगभग सभी राज्यों से आए किसानों की सभा में अपने संबोधन में केजरीवाल ने कहा, ‘स्वामीनाथन रिपोर्ट केंद्र सरकार लागू करे, वरना देश के किसान कयामत ढा देंगे. किसानों को फसल का पूरा दाम मिले. मुझे खुशी है कि यहां सारी पार्टियां बैठी हैं और किसानों के साथ हैं. किसानों को भीख नहीं चाहिए. वो अपना हक मांग रहे हैं. अगर किसानों को फसल का सही रेट मिला तो कर्ज़ की बात नहीं करेंगे. कर्ज माफी को नहीं कहेंगे.’ केजरीवाल ने अपने भाषण में कहा कि फसल बीमा योजना बंद होनी चाहिए. उन्होंने इसे किसान डाका योजना करार दिया. उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली की सरकार 50 हज़ार प्रति हेक्टेयर का मुआवजा दे सकती है तो केंद्र सरकार क्यों नहीं दे सकती इतना मुआवजा. भाजपा पर सीधा हमला करते हुए दिल्ली के सीएम ने कहा कि अगर किसानों की बात नहीं सुनी गई तो भाजपा किसानों से नहीं अम्बानी अडानी से वोट मांग ले.