Farmers Meeting Today 21 January 2021: कृषि कानूनों को रद करने की मांग पर अड़े किसान करीब दो महीने से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच किसानों की सरकार से 11 दौर की वार्ता हो चुकी है. बुधवार को हुई वार्ता में सरकार ने किसानों को जो प्रस्ताव दिए हैं उसपर किसान आज विचार कर रहे हैं और फिर आज शाम प्रेस कांफ्रेंस में उनका क्या फैसला है, इसकी पूरी जानकारी देंगे.  लेकिन पहली बार किसानों और सरकार के बीच सुलह होती नजर आ रही है. Also Read - अरविंद केजरीवाल ने कहा- किसानों के लिए डेथ वारंट हैं कृषि कानून, लाल किले पर बीजेपी ने कराई थी हिंसा

बुधवार (Wednesday) को हुई वार्ता में कोई फाइनल नतीजा तो नहीं निकला लेकिन सरकार के प्रस्ताव से किसान नेता खुश नजर आए. किसान नेताओं ने कहा है कि वो किसान भाइयों से चर्चा करके अपना फैसला 22 जनवरी की बैठक में सुनाएंगे. Also Read - Kisan Andolan: राकेश टिकैत ने फिर दी चेतावनी! कानून वापस नहीं हुआ तो संसद का करेंगे घेराव, इस बार 4 लाख नहीं बल्कि...

सरकार के प्रस्ताव से किसानों के बीच खुशी
सरकार और किसानों में अब तक 11 बार बातचीत हो चुकी है लेकिन पहली बार सरकार के प्रस्ताव से किसान नेता खुश हैं. किसान नेता शिवकुमार कक्का (Shivkumar Kakka) ने सरकार के इस प्रस्ताव का स्वागत किया है और कहा है कि उन्हें कमेटी पर तो भरोसा नहीं है लेकिन सरकार ने कानूनों को फिलहाल स्थगित करने का जो प्रस्ताव रखा है, वो भरोसे के लायक है. हम सभी किसान नेता इस फैसले पर विचार करेंगे और 22 जनवरी की बैठक में फैसला सुनाएंगे. Also Read - Republic Day Violence: अदालत ने दीप सिद्धू को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

किसान नेता दर्शन पाल सिंह (Darshan Pal Singh) ने कहा है कि सरकार ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक एफिडेविट (Affidavit) दाखिल किया जाएगा जिसमें कानूनों को 18 महीनों के लिए स्थगित करने की बात सुप्रीम कोर्ट को बताई जाएगी. सरकार का ये प्रस्ताव विचार करने के लायक है. ऑल इंडिया किसान सभा (All India Kisan Sabha) के महासचिव Hannan Mollah ने भी सरकार के इस प्रस्ताव का खुले दिल से स्वागत (Welcome) किया है.

सरकार के प्रस्ताव में किसानों के लिए क्या है

बुधवार को 11वें दौर की बातचीत में सरकार ने किसानों के सामने फिलहाल कानूनों को कुछ समय के लिए स्थगित (Delay) करने की बात कही है. सरकार ने किसानों के सामने प्रस्ताव रखा है कि किसानों और सरकार की एक संयुक्त समिति बना दी जाए और जब तक समिति किसी फैसले पर नहीं पहुंचेगी तब तक तीनों कानूनों को लागू नहीं किया जाएगा. कमेटी को रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का वक्त दिया जाएगा.

दिल्ली पुलिस के साथ आज किसानों की होगी बैठक 

26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालने के मामले में आज किसानों और दिल्ली पुलिस (Delhi Police) में बैठक होनी है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मार्च निकालने की इजाजत का मामला दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र का है. किसान नेताओं और दिल्ली पुलिस को मिलकर बात करनी चाहिए.