Farmers Protest: कृषि कानूनों के खिलाफ किसान अब भी दिल्ली की सीमाओं पर ज्यों के त्यों डटे हुए हैं. ऐसे में किसान आंदोलन को लेकर 7 चरणों की बातचीत का अबतक कोई परिणाम नहीं आ सका है. इसी मामले पर बुधवार के दिन सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की है. केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि उम्मीद है कि गतिरोध जल्द ही खत्म होगा.Also Read - क्या है US का 50 साल पुराना 'रो बनाम वेड' गर्भपात केस, जिसे पलटने का हॉलीवुड स्टार भी कर रहे विरोध

बता दें कि नए कृषि कानूनों की वैधता को लेकर कुछ वकीलों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी. इसपर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हम सोमवार को कृषि कानूनों और किसान आंदोलन पर सुनवाई करेंगे. मुख्य न्यायधीश एसए बोबड़े ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हालात में किसी तरह के बदलाव नहीं दिख रहे हैं. Also Read - नरेंद्र मोदी ने भगवान शिव की तरह विषपान किया, 18-20 साल चुपचाप सहते रहे झूठे आरोप, गुजरात दंगों पर शाह ने तोड़ी चुप्पी

इस पर बोलते हुए केंद सरकार के पक्षकार सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम किसानों से बात कर रहे हैं. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष इस मामले पर सहमत हो जाएंगे. मुख्य न्यायधीश ने कहा कि हम चाहते हैं कि बातचीत हो. Also Read - ऐतिहासिक फैसला: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात को लेकर 50 साल पुराना कानून बदला, अब राज्य लगा सकते हैं रोक