Farmers Protest: कृषि कानूनों के खिलाफ किसान अब भी दिल्ली की सीमाओं पर ज्यों के त्यों डटे हुए हैं. ऐसे में किसान आंदोलन को लेकर 7 चरणों की बातचीत का अबतक कोई परिणाम नहीं आ सका है. इसी मामले पर बुधवार के दिन सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की है. केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि उम्मीद है कि गतिरोध जल्द ही खत्म होगा. Also Read - Farmers Protest: किसानों और सरकार के बीच नौवें दौर की वार्ता भी रही बेनतीजा, अगली मीटिंग 19 जनवरी को

बता दें कि नए कृषि कानूनों की वैधता को लेकर कुछ वकीलों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी. इसपर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हम सोमवार को कृषि कानूनों और किसान आंदोलन पर सुनवाई करेंगे. मुख्य न्यायधीश एसए बोबड़े ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हालात में किसी तरह के बदलाव नहीं दिख रहे हैं. Also Read - Kisan Andolan: किसानों और सरकार के बीच वार्ता जारी, कृषि मंत्री ने अन्नदाताओं से की अपने रुख को नरम करने की अपील

इस पर बोलते हुए केंद सरकार के पक्षकार सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम किसानों से बात कर रहे हैं. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष इस मामले पर सहमत हो जाएंगे. मुख्य न्यायधीश ने कहा कि हम चाहते हैं कि बातचीत हो. Also Read - Farmers Protest: बैठक में बोले केंद्रीय मंत्री- हमने मानी किसानों की बात, लेकिन किसान नहीं...