Farmers Protest: कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन का आज 21वें दिन है. किसानों और सरकार की अपनी-अपनी जिद है. एक तरफ किसान जहां कृषि कानून को रद करने की मांग पर अड़े हुए हैं वहीं सरकार का कहना है कि ये कानून किसानों के ही हित में है. इस कानून को वापस नहीं लिया जा सकता, बातचीत कर इसमें संशोधन किया जाएगा, रद करने का सवाल ही नहीं उठता. Also Read - खेती को बर्बाद करने बनाए गए तीन कानून... मेरा चरित्र साफ, मैं डरने वाला नहीं: राहुल गांधी

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस Also Read - सूरत हादसे में मारे गए प्रवासी मजदूरों के परिजनों को दो-दो लाख का मुआवजा, पीएम ने जताया शोक

वहीं, आंदोलन का अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है और आज कोर्ट ने केंद्र सरकार, पंजाब, हरियाणा को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि ‘ऐसा लग रहा है कि सरकार और किसानों के बीच बातचीत से हल फिलहाल नही निकलता दिख रहा है.’ बातचीत फेल हो जाएगी तो जल्द ही यह राष्ट्रीय मुद्दा बन जाएगा. इसीलिए समिति बनाकर बातचीत से मसला सुलझाएंगे.’ Also Read - क्या Farmers Protest में हो रही विदेशी फंडिंग? इन अलगाववादी संगठनों पर एजेंसियों की नजर

मौसम की मार झेल रहे जिद पर अड़े किसान

एक तरफ दिल्ली में बढ़ रही ठंड और बर्फीली हवाओं का दौर जारी है तो वहीं दूसरी तरफ मौसम की इस तल्खी के बीच अपनी जिद पर अड़े हजारों की संख्या में किसान सड़क के किनारे रात-दिन गुजार रहे हैं. इसबीच, कुंडली बॉर्डर पर बुधवार को भी धरना में लगे एक किसान की मौत हो गई है. धरनास्थल पर पिछले तीन दिनों में यह लगातार तीसरी मौत है. जानकारी के मुताबिक अब तक कुल 21 किसानों की मौत हो चुकी है.

किसान नेताओं ने कहा-अब हम जीत के लिए प्रतिबद्ध हैं

किसान नेताओं का कहना है ‘‘सरकार कह रही है कि वह इन कानूनों को वापस नहीं लेगी, हम कह रहे हैं कि हम आपसे ऐसा करवाएंगे.’’ अह हमारी लड़ाई उस चरण में पहुंच गई है जहां हम मामले को जीतने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’’ ‘‘हम बातचीत से नहीं भाग रहे हैं लेकिन सरकार को हमारी मांगों पर ध्यान देना होगा और ठोस प्रस्ताव के साथ आना होगा.’’

जिद पर अड़े किसान नेताओं ने आज भी कहा कि पहले केंद्र सरकार तीनों कानूनों को रद करे इसके बाद ही कोई बात की जाएगी. किसान नेताओं ने कहा कि जब किसान से बिना पूछे कानून बनाए हैं, तो इसी तरह बिना पूछे इन्हें वापस भी लिया जाए. अगर ऐसा नहीं किया जाता तो हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण जारी रहेगा.

पीएम मोदी-कृषि मंत्री ने कहा-किया जा रहा गुमराह, समाधान खोज रहे

एक तरफ जहां किसान नेता जब अपना रूख कड़ा कर रहे हैं वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली के नजदीक इकट्ठा हुए किसानों को षड्यंत्र के तहत गुमराह किया जा रहा है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार ‘‘वास्तविक किसान संगठनों” के साथ वार्ता जारी रखने और खुले दिमाग से मसले का समाधान खोजने को तैयार है.