Farmers Protest: किसान नेताओं ने मंगलवार को ‘भारत बंद’ (Bharat Bandh) सफल होने का दावा करते हुए कहा कि जब वे गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाकात करेंगे तो अपनी मांगों पर केवल ‘हां’ या ‘नहीं’ में जवाब मांगेंगे. किसान नेताओं का एक समूह शाह से मुलाकात करेगा. एक दिन बाद बुधवार को उनकी केंद्रीय मंत्रियों के साथ छठे दौर की वार्ता होगी. Also Read - अरविंद केजरीवाल ने कहा- किसानों के लिए डेथ वारंट हैं कृषि कानून, लाल किले पर बीजेपी ने कराई थी हिंसा

किसान नेता आरएस मनसा ने सिंघु बॉर्डर पर कहा, ‘बीच का कोई रास्ता नहीं है. हम आज की बैठक में गृह मंत्री अमित शाह से केवल ‘हां’ या ‘नहीं’ में जवाब देने को कहेंगे.’ मनसा ने दावा किया कि केंद्र सरकार ‘भारत बंद’ के सामने झुक गयी है. Also Read - अमित शाह ने चुनावी रैली में कहा- सरकार आई तो पुडुचेरी को बनाएंगे भारत का 'गहना', एक बार मौका तो मिले

एक अन्य नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि ‘भारत बंद’ सफल रहा और केंद्र सरकार को अब पता है कि उसके पास कोई रास्ता नहीं है. स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि 25 राज्यों में करीब 10,000 जगहों पर बंद आहूत किया गया. Also Read - Balakot Air Strikes Anniversary: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने एयरफोर्स को किया सैल्‍यूट

किसान नेताओं ने कहा कि प्रदर्शनकारी बुराड़ी के मैदान नहीं जाएंगे, क्योंकि यह एक ‘खुली जेल’ है. उन्होंने रामलीला मैदान में प्रदर्शन की अनुमति देने की मांग की. किसान नेताओं ने कहा कि वे दिल्ली और हरियाणा की जनता को परेशान नहीं करना चाहते.

उधर, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर आश्वस्त हैं कि वार्ता से ही किसानों की समस्या का समाधान होगा. उन्होंने राजनीतिक दलों से किसानों के नाम पर सियासत नहीं करने की अपील की है. तोमर ने किसान आंदोलन में आगे आने वाले राजनीतिक दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, पूर्व में भी मैंने कहा है कि किसानों के नाम पर सियासत नहीं होनी चाहिए.

(इनपुट: भाषा)