Farmers Protest: कृषि बिल को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है और आज तीन बजे किसान संगठन के बड़े नेता केंद्र सरकार से बिल को लेकर बातचीत के लिए जाएंगे. इस बीच हरियाणा की खट्टर सरकार को तगड़ा झटका लगा है. सरकार में शामिल निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान ने किसानों का साथ देते हुए मनोहर लाल खट्टर सरकार से समर्थन वापस ले लिया है. उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर वह सरकार से समर्थन वापस ले रहे हैं. Also Read - अनिल विज ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को लिखा पत्र, 'प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत फिर शुरू करें'

वहीं, दिल्ली में सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन में शामिल समूहों ने बैठक कर ये फैसला किया है कि वो सरकार के साथ होने जा रही बैठक में हिस्सा लेंगे. ये बैठक 3 बजे होनी है. बैठक में भाग लेने के लिए किसानों के प्रतिनिधि निकल भी चुके हैं. हालांकि, पंजाब किसान संघर्ष समिति ने बैठक में शामिल न होने का इशारा कर दिया है. समिति का कहना है कि सभी किसान संगठनों को इस बैठक में बुलाया जाना चाहिए. Also Read - Farmers Protest: 10 अप्रैल को केएमपी एक्सप्रेस-वे 24 घंटे के लिए बंद रखेंगे किसान, लोगों संग अच्छे व्यवहार का वादा

बता दें कि किसान टीकरी बॉर्डर, यूपी गेट और सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानून में संशोधन को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं और पिछले चार दिनों से इनका धरना जारी है. प्रशासन ने इन किसानों को दिल्ली में आने से रोकने के लिए बेरिकेड कर रखे हैं. वहीं कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने उनके घर गए हैं. कृषि कानूनों पर दोनों नेताओं के बीच चर्चा होगी, उसके बाद तीन बजे किसानों के साथ कृषि मंत्री मीटिंग करेंगे.

किसानों के प्रदर्शन के बीच माहौल लगातार तनावपूर्ण बनता जा रहा है. गाजिपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के पास भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर पहुंचे हैं. वो किसानों को खाने के लिए केले बांट रहे हैं. उनके पहुंचते ही गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या भी बढ़ गई है.