Farmers protest has entered its 23rd day today against the three farm laws Latest News: किसानों का आंदोलन (Farmers protest) का आज 23वां दिन है और देश की राजधानी के बॉर्डर पर अड़े किसान केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों (farm laws) के खिलाफ अपनी लड़ाई छोड़ने को तैयार नहीं है. कड़ाके की ठंड और चल रही शीत लहर के बीच किसानों ने सिंघू बॉर्डर पर और अधिक टेंट्स का इंतजाम करने में जुटे हैं. किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के दयाल सिंह ने कहा, पीएम को किसानों ने से बातचीत करना चाहिए और कृषि कानून वापस लें. हम इन कानूनों के खिलाफ अपनी लड़ाई नहीं छोड़ेंगे. वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी आज मध्‍य प्रदेश के लाखों किसानों को वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे. Also Read - खेती को बर्बाद करने बनाए गए तीन कानून... मेरा चरित्र साफ, मैं डरने वाला नहीं: राहुल गांधी

कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज भी जारी है. इस बीच किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब के दयाल सिंह ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई है, उसमें हम यकीन नहीं रखते. अगर सरकार बातचीत करके काले कानून वापस लेती है तो ठीक, नहीं तो हम ये मोर्चा नहीं छोड़ेंगे.”

– कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 23वें दिन भी जारी है. इस बीच बॉर्डर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

-सिंघू सीमा पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कहते हैं कि वे ठंड के मौसम की स्थिति का सामना करने के लिए अधिक तम्बू व्यवस्था कर रहे हैं.

– एक किसान ने कहा, “हम अपने आप को लंबे समय के लिए तैयार कर रहे हैं क्योंकि काले कानूनों के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी. ठंडा बढ़ रही है, इसलिए हम और अधिक टेंट लगा रहे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों से की थी कृषि मंत्री का पत्र पढ़ने की अपील   
वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा किसानों के नाम लिखे गए पत्र को उनके ”विनम्र संवाद का प्रयास” बताया और किसानों से उसे पढ़ने का आग्रह किया. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नए कृषि कानूनों का लक्ष्य छोटे एवं सीमांत किसानों को फायदा पहुंचाना है. पीएम मोदी ने कल ट्वीट किया था, ”कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर जी ने किसान भाई-बहनों को पत्र लिखकर अपनी भावनाएं प्रकट की हैं, एक विनम्र संवाद करने का प्रयास किया है. सभी अन्नदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे इसे जरूर पढ़ें. देशवासियों से भी आग्रह है कि वे इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं.”

कृषि मंत्री ने कल 8 पन्‍नों का खत किसानों को लिखा था
कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने गुरुवार को किसानों के नाम आठ पृष्ठों का एक खुला पत्र जारी करते हुए कहा था कि केंद्र उनकी सभी चिंताओं का निराकरण करने के लिए तैयार है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिए ये सुझाव
बता दें कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन करने के अधिकार को मूल अधिकार बताते कहा था कि किसानों के आंदोलन में इस समय न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करेगा और इसे बगैर किसी बाधा के जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए. कोर्ट ने कहा था कि न तो प्रदर्शनकारी और न ही पुलिस शांति भंग करे. शीर्ष कोर्ट ने केंद्र और आंदोलनरत किसानों के बीच जारी गतिरोध को तोड़ने की अपनी कोशिश के तहत तीन नए कृषि कानूनों को स्थगित रखने का विचार दिया है, ताकि उनके बीच वार्ता जारी रह सके. सीजेआई एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने किसानों के अहिंसक विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार को स्वीकार करते हुए सुझाव दिया कि केंद्र फिलहाल इन तीन विवादास्पद कानूनों का क्रियान्वयन स्थगित कर दे क्योंकि वह इस गतिरोध को दूर करने के इरादे से कृषि विशेषज्ञों और किसान संघों की एक ‘निष्पक्ष और स्वतंत्र’ समिति गठित करने पर विचार कर रहा है.