नई दिल्ली: कर्ज माफी और फसलों के उचित दाम की मांग को लेकर हजारों किसान दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं. रामलीला मैदान में जुटे किसानों ने राम मंदिर नहीं कर्जमाफी चाहिए जैसे नारे लगाए. आज किसान संसद तक मार्च करने वाले हैं. अपने हक के लिए आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने कहा कि कोई भी सरकार किसानों के समर्थन के बिना नहीं टिक सकती है. किसानों को संबोधित करते हुए गौड़ा ने कहा कि वह उनके दुख और दिक्कतों को समझते हैं क्योंकि वह खुद किसान के बेटे हैं. Also Read - Centre vs Delhi Govt ON Vaccine: डिप्‍टी CM सिसोदिया बोले- दिल्‍ली में 100 वैक्‍सीनेशन सेंटर बंद करने पड़े

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उन्होंने कहा, ‘मैं आपको आश्वासन देने आया हूं कि संघर्ष की इस घड़ी में हम आपके साथ हैं. मैं आपके दुख और तकलीफों को समझता हूं.’ बाद में रामलीला मैदान में संवादाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने केन्द्र सरकार से किसानों की मांग सुनने को कहा. उन्होंने कहा, ‘कोई सरकार किसानों के (समर्थन) बिना नहीं चल सकती है. केन्द्र सरकार को उनकी मांगें सुननी चाहिए. इस देश के किसान जाग चुके हैं और उन्हें बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता.’ Also Read - HC ने दिल्‍ली सरकार से पूछा, क्या AAP MLA इमरान हुसैन को ‘रिफिलर’के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई?

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किसानों को कर्ज मुक्त बनाने और फसल की लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने की मांग को लेकर दो दिवसीय आंदोलन के पहले दिन गुरुवार को किसानों के साथ डॉक्टर, वकील, पूर्व सैनिक, पेशेवर और छात्रों सहित समाज के तमाम वर्गों के लोगों ने समर्थन दिया है. अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले लगभग 200 किसान संगठनों, राजनीतिक दलों और अन्य समाजिक संगठनों से किसानों की मांग का समर्थन करते हुए आंदोलन में भागीदारी की है.

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पूर्व सैनिकों के संगठन ने भी किसानों की मांग का समर्थन करते हुए किसान मुक्ति यात्रा में शिरकत की. संगठन के प्रमुख मेजर जनरल सतबीर सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिक किसान आंदोलन में दो दिन तक साथ रहेंगे. अनजान ने बताया कि यह पहला अवसर है जब किसानों के समर्थन में डॉक्टर, वकील, शिक्षक, रंगकर्मी और छात्र संगठनों सहित समाज के सभी वर्गों ने भी किसान आंदोलन में हिस्सेदारी की है. पी. साईनाथ की अगुवाई में गठित समूह ‘नेशन फॉर फार्मर्स’ के बैनर तले विभिन्न सामाजिक समूहों ने आंदोलन में शिरकत की है. सभी संगठनों के कार्यकर्ता बिजवासन, मजनू का टीला, निजामुद्दीन और आनंद विहार से किसान आंदोलनकारियों के साथ रामलीला मैदान पहुंच गए.

लगभग 60 हजार लोगों की क्षमता वाले रामलीला मैदान में एम्स, आरएमएल, लोकनायक, हिंदूराव, अरुणा आसिफ अली अस्पताल सहित दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों के करीब 25 से 30 डॉक्टरों ने रामलीला मैदान पर किसानों के लिए एक निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया. साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से भोजन और रात के समय सर्दी से बचने के लिये जरूरी कपड़ों की व्यवस्था की गयी है.

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आंदोलन में जुट रही भीड़ को देखते हुये दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये हैं. पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान में पुलिसबल तैनात किया गया है. साथ ही शुक्रवार को रामलीला मैदान से संसद मार्ग तक किसान मार्च मार्ग में भी सुरक्षा और यातायात के विशेष प्रबंध किए गए हैं. पुलिस ने कहा कि किसानों के मार्च के दौरान सड़कों के दोनों तरफ रस्सी होगी और दूसरी तरफ पुलिस तैनात होगी ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि यातायात प्रभावित नहीं हो. राजधानी में यातायात प्रभावित ना हो इसके लिए शुक्रवार को 3,500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. कल किसान रामलीला मैदान से संसद मार्ग पर मार्च निकालने वाले हैं.