नई दिल्ली: भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में हजारों की संख्या में किसान दिल्ली पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यूपी बॉर्डर पर ही रोक लिया गया है. इस बीच पुलिस और किसानों के बीच हिंसक झड़प हुई. किसानों को दिल्ली में एंट्री से रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों का प्रयोग किया. जब इससे बात नहीं बनी तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया और किसानों को भगाने की कोशिश की. Also Read - रिलीज से पहले ही सुर्खियों में आई निरहुआ की नई फिल्म 'फसल', बिना अन्न के इस अन्नदाता की दर्दनाक कहानी

इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि किसानों को दिल्ली आने से नहीं रोका जाना चाहिए. यह गलत है. हम किसानों के साथ हैं. वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि सरकार ने किसानों से किए गए वादे को नहीं निभाया. किसानों का विरोध प्रदर्शन स्वभाविक है. हम किसानों के साथ हैं.

किसान कर्जा माफी 60 साल की आयु के बाद पेंशन, पीएम फसल बीमा योजना में बदलाव, गन्ने की कीमतों का जल्द भुगतान, सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली, किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज मुक्त लोन, आवारा पशुओं से फसल का बचाव, सभी फसलों की पूरी तरह खरीद हो. इसके अलावा किसान स्वामीनाथन कमिटी की रिपोर्ट को लागू करने की भी मांग कर रहे हैं. साथ ही गन्ने की कीमतों के भुगतान में देरी पर ब्याज की मांग भी शामिल है.

कानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सोमवार को पूर्वी और उत्तरपूर्वी दिल्ली में एक हफ्ते के लिये निषेधाज्ञा लागू कर दी. पूर्वी दिल्ली में पुलिस उपायुक्त (पूर्व) पंकज सिंह ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत आदेश जारी किया जो आठ अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा. इस आदेश के अंतर्गत प्रीत विहार, जगतपुरी, शकरपुर, मधु विहार, गाजीपुर, मयूर विहार, मंडावली, पांडव नगर, कल्याणपुरी और न्यू अशोक नगर पुलिस थानाक्षेत्र आते हैं. उत्तरपूर्व दिल्ली में निषेधाज्ञा पुलिस उपायुक्त (उत्तरपूर्व) अतुल कुमार ठाकुर की तरफ से जारी की गई और यह चार अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी.