Farmers Protest Latest Updates : पिछले 10 दिनों से नए कृषि कानूनों का विरोध रहे किसानों के साथ आज केंद्नीय मंत्रियों की पांचवें दौर की वार्ता हो रही है.  किसानों के साथ होने वाली वार्ता से पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. पीएम के साथ बैठक के बाद मंत्रियों और किसानों के बीच पांचवें दौर की बैठक हो रही है , किसानों का कहना साफ है कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक कानून वापस नहीं ले लिया जाता. Also Read - Bihar News: JDU नेता की हत्या मामले में RJD की पूर्व विधायक Kunti Devi को उम्रकैद

बता दें कि किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और बीते गुरुवार को भी किसान और सरकार के बीच चौथे दौर की बैठक हुई थी जो बेनतीजा ही रही. हालांकि, इन आंदोलनों को लेकर  अखिल भारतीय किसान सभा (Akhil Bhartiya Kisan Sabha) के अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के बाद ही यह किसान आंदोलन समाप्त होगा. Also Read - Kisan Andolan: कब खत्म होगा किसानों का आंदोलन? कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दिया यह जवाब...

अखिल भारतीय किसान सभा के वित्त सचिव कृष्ण प्रसाद ने कहा, ‘हमारे दिमाग में इस बात को लेकर कोई शंका नहीं है कि इन कानूनों को वापस लिए जाने के बाद ही यह आंदोलन समाप्त होगा. हम यहां से नहीं हिलेंगे. हम चाहते हैं कि सरकार अपने प्रस्ताव को संसद (Parliament) में ले जाए और इस मुद्दे पर संसदीय समिति चर्चा करे. Also Read - Kisan Andolan: मुंबई रैली में गरजे शरद पवार, पीएम मोदी से पूछा, क्या ये किसान पाकिस्तान के हैं?

उन्होंने कहा कि लोगों को इस कानून को वापस लिए जाने से कम कुछ भी मान्य नहीं होगा.’ भयंकर सर्दी के बीच हजारों किसान केंद्र सरकार (Central Government) के कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पिछले नौ दिनों से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर डटे हुए हैं.

बैठक से पहले आज किसानों ने धमकी दी है कि अगर बातें नहीं मानी गईं तो संसद का घेराव करेंगे.

किसानों के विरोध प्रदर्शन का देखें वीडियो….

बिहार में तेजस्वी ने किसानों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया

उधर बिहार में भी RJD नेता तेजस्वी यादव ने पटना के गांधी मैदान में कृषि क़ानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा, “कृषि क़ानून किसान विरोधी हैं, हमारी मांग है कि जो किसान सड़कों पर आंदोलन कर रहें हैं उनकी सभी मांगों को पूरा किया जाए। हम किसानों की मांगों के साथ हैं.”

NCP नेता नवाब मलिक ने कहा  है कि केंद्रीय सरकार की बैठक हो रही है, हमें लगता है कि सरकार को अपना अड़ियल रवैया छोड़ना होगा। किसानों की मांगों को मानना पड़ेगा, किसान क्या चाहता है उसे अनदेखा करना उचित नहीं है। किसान आंदोलन पूरे देश में फैलता जा रहा है इसलिए सरकार जल्द ही उनकी मांगे पूरी करें.

वहींआज केंद्र सरकार के साथ कृषि कानूनों पर होने वाली बैठक पर किसान संयुक्त मोर्चा के प्रधान रामपाल सिंह  ने कहा है कि आज आर-पार की लड़ाई करके आएंगे, रोज-रोज बैठक नहीं होगी. वहीं, कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बाॅर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है. एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “सरकार बार-बार तारीख दे रही है, सभी संगठनों ने एकमत से फैसला लिया है कि आज बातचीत का आखिरी दिन है.

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल 

इसे देखते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई. याचिकाकर्ता ने शाहीनबाग मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए मांग की कि आंदोलन के नाम पर पब्लिक प्लेस को घेरा नहीं जा सकता है. प्रदर्शन तयशुदा जगह पर होना चाहिए. ऐसे में दिल्ली की बंद सड़कों को जल्द खाली करवाया जाए.