Farmers Protest LIVE Updates: पिछले 26 दिनों से अपनी मांग पर अड़े किसानों ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह (Chaudhary Charan Singh) की जयंती, किसान दिवस पर दिन उपवास रखने का ऐलान किया है. भारतीय किसान यूनियन के नेता हरिंदर सिंह लखोवाल ने कहा है कि 23 तारीख को हम एक टाइम का खाना नहीं खाएंगे. 26 और 27 तारीख़ को दूतावासों के बाहर हमारे लोग प्रदर्शन करेंगे. 27 तारीख को प्रधानमंत्री ने जो मन की बात का कार्यक्रम रखा है उसका हम थालियां बजाकर विरोध करेंगे. Also Read - Farm Laws 2020: कृषि कानूनों के विरोध के बीच किसानों और सरकार के बीच शुक्रवार होगी नौवें दौर की वार्ता

PM मोदी दें हमें आज किसान दिवस का गिफ्ट Also Read - Corona Virus New Strain: ब्रिटेन में मचा हाहाकार, पूरी सख्ती के साथ नया स्टे-ऑन-होम लॉकडाउन लागू

कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारी ने बताया,”किसान दिवस पर मैं मोदी सरकार को एक ही बात बोलना चाहता हूं कि कृषि कानूनों को वापस लेकर हमें आज ये गिफ्ट में दें क्योंकि अबका किसान पढ़ा-लिखा है उन्हें इस कानूनों के बारे में पता है.” Also Read - Kisan Protet 2020: अपनी मांगों को लेकर अड़े किसान, आंदोलन के दौरान गाजीपुर बॉर्डर पर एक अन्नदाता की मौत

सिंघु (दिल्ली-हरियाणा) बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारी ने बताया, “जो चिट्ठी सरकार ने भेजी है आज उसका जवाब दिया जाएगा. हम 24 घंटे बात करने के लिए तैयार हैं लेकिन वे बात नहीं करना चाहते क्योंकि उनके मन में खोट है.”

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसानों ने हवन किया….

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ब्रिटिश सांसदों को लिखेंगे पत्र, पीएम बोरिस जानसन को भारत आने से रोकें

इसके साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा की मंगलवार को हुई बैठक में एक चौंकाने वाला फैसला भी किया गया है, जिसके तहत इंग्लैंड के सांसदों को पत्र लिखकर आग्रह किया जाएगा कि वे अपने प्रधानमंत्री बोरिस जानसन (Boris Johnson) को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा नहीं लेने के लिए मनाएं और उन्हें किसानों की मांगों के समर्थन में दिल्ली आने से रोकें.

कृषि मंत्री ने कहा-सरकार खुले मन से बातचीत को तैयार

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने मंगलवार को कहा, उन्हें उम्मीद है कि आंदोलन कर रहीं किसान यूनियनें सरकार के साथ वार्ता करने के लिए जल्द ही आएंगी. किसानों की बैठक में कुछ ऐसा फैसला हो जाएगा जिससे समस्या के समाधान की तरफ बढ़ने में मदद मिलेगी. तोमर ने कहा कि सरकार ने उन्हें खुले मन से बातचीत के लिए आमंत्रित किया है और वे अपनी सहूलियत के हिसाब से वार्ता की तिथि बता सकते हैं.

किसान आज चिट्ठी लिखकर देंगे जवाब

किसानों का कहना है कि अब ये मामला कोर्ट में पहुंच चुका है और ऐसा नहीं लगना चाहिए कि हम बातचीत के लिए तैयार ही नहीं हैं. बहरहाल, अब सरकार को उसकी चिट्ठी का जवाब बुधवार को भेजा जाएगा. इसे तैयार करने में कुछ कानूनविदों और वकीलों की मदद ली जाएगी. अब आज किसान सरकार को चिट्ठी लिखकर जवाब देंगे.