नई दिल्ली: किसान और सरकार के बीच संघर्ष को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक कमेटी बनाई गई, बावजूद इसके किसान आंदोलन को बंद करने के पक्ष में नहीं हैं. उनका कहना है कि अगर केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को जब तक रद्द नहीं करेगी तब तक किसान आंदोलन वापस नहीं लेंगे. इसी कड़ी में किसानों की आज सरकार के साथ 9वें दौर कई बैठक आयोजित की गई. उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले पर कोई हल निकलेगा लेकिन किसान संगठन अभी भी तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं. Also Read - संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा- हरियाणा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने को BJP-JJP विधायकों पर डालें दबाव

इस बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि किसान मीडिया से कहते हैं कि सरकार जिद पर अड़ी है लेकिन हमने किसानों की बातें मान ली हैं, किसान एक कदम भी आगे नहीं बढ़े हैं. वहीं दूसरी बैठक में पीयूष को किसानों ने FCI से जुड़ी जानकारी दी. लेकिन अबतक इस बैठक का कोई नतीजा नहीं निकल सका है. किसान अब भी कानून रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं. Also Read - Farmers Protest: टिकरी बॉर्डर पर एक और किसान ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में कृषि कानूनों को बताया जिम्मेदार

किसानों पर पंजाब में हो रही छापेमारी और एक्शन को लेकर सभी किसानों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की बात की गई. हालांकि बैठख में अभी लंच हो गया है. इस बैठक को लेकर सरकार को काफी उम्मीदे हैं लेकिन किसानों का कहना है कि इस बैठक में कोई नतीजा नहीं निकलने वाला है. Also Read - किसान आंदोलन के 100 दिन पूरे, हरियाणा में किसानों ने ब्लॉक किया एक्सप्रेसवे; कृषि मंत्री बोले- सरकार कानूनों में संशोधन के लिए तैयार