Farmers Protest: पंजाब के कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने रविवार को केंद्र सरकार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों और इन्हें समर्थन करने वालों के खिलाफ नोटिस देने के मामले में आड़े हाथों लिया है. कांग्रेस नेता ने कहा, “जो किसान पूरे देश को अपने खून, पसीने से सींचता है, उसे ऐसे धमकी से झुकाया नहीं जा सकता. यह नई दिल्ली में सत्तारूढ़ सरकार के लिए बहुत महंगा साबित होगा.”Also Read - शादी के कार्ड पर किसान आंदोलन की झलक, दूल्हे ने लिखवाया- जंग अभी जारी है, MSP की बारी है

रंधावा ने कहा कि एनआईए द्वारा नोटिस दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के आंदोलन को कमजोर करने के लिए भाजपा सरकार द्वारा एक कुटिल चाल का हिस्सा है. Also Read - Punjab ke CM: बंटवारे के बाद पंजाब को बसाने के लिए जाने जाते थे दूसरे मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों

उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए सरकार के पिछले साढ़े छह साल के कार्यकाल में यह पहली बार नहीं है कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए उनकी एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया है. Also Read - एलन मस्क के लिए पलक पांवड़े बिछाने को तैयार हैं कई राज्य, अब बेंगलुरु में टेस्ला प्लांट स्थापित करने के लिए किया आमंत्रित

वर्तमान दौर को भारत के लोकतंत्र के लिए सबसे अंधकारमय करार देते हुए, उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थानों और स्वतंत्र सरकारी एजेंसियों का संकीर्ण राजनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भाजपा अपने विरोधियों को डराने के लिए हथकंडे अपनाती है और अब यह नया शैतानी कदम उनके लिए एक आपदा साबित होगा.

रंधावा ने कहा, “कांग्रेस पार्टी और राज्य सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी रहेगी और इस तरह की निरंकुश रणनीति का विरोध करेगी. केंद्र के पास इन काले कानूनों को रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.”

(इनपुट आईएएनएस)