अमृतसर: पंजाब के अमृतसर जिले में मंगलवार को कर्जमाफी और स्वामीनाथन आयोग की रपट लागू करने की मांग को लेकर गुस्साए किसानों ने रेल चक्काजाम कर दिया, जिसके कारण करीब 25 रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया और सात के मार्ग बदल दिए गए. अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी. रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि नई दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस और नई दिल्ली-अमृतसर शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस को क्रमश: जालंधर और ब्यास कस्बे में समाप्त कर दिया गया.Also Read - Farm Laws: केंद्र के पास नहीं किसानों की मौत के आंकड़े, भड़का विपक्ष, किसान डाटा देने को तैयार

किसान सोमवार से प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी अजैब सिंह ने संवाददाताओं को बताया, “हम सभी किसानों की कर्जमाफी के लिए राज्य सरकार की विफलता के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान इसका वादा किया था.” उत्तर रेलवे के एक बयान के मुताबिक, रद्द की गई ट्रेनों में नई दिल्ली-जालंधर इंटरसिटी एक्सप्रेस, अमृतसर-हरिद्वार जन शताब्दी एक्सप्रेस, हरिद्वार-अमृतसर जन शताब्दी एक्सप्रेस, चंडीगढ़-अमृतसर सुपरफास्ट एक्सप्रेस और नांगल डैम-अमृतसर एक्सप्रेस शामिल हैं. Also Read - पंजाब के किसान नेताओं ने MSP पर 30 नवंबर तक जवाब मांगा, एक दिसंबर को SKM की आपात बैठक

जिन ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं, उनमें दिल्ली-पठानकोट सुपरफास्ट एक्सप्रेस और अमृतसर-सियालदह अकाल तख्त एक्सप्रेस शामिल हैं. इस बीच आम आदमी पार्टी के विधायकों और पार्टी की किसान शाखा के प्रदेशाध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान ने किसान समुदाय और कृषि मजदूरों की मांगों के प्रति असंवेदनशील होने के लिए अमरिंदर सिंह सरकार पर निशाना साधा. चंडीगढ़ में दिए एक बयान में उन्होंने कहा कि पिछली शिअद-भाजपा सरकार की तरह कांग्रेस सरकार भी किसानों की समस्याओं को हल करने में विफल रही है और विधानसभा चुनाव से पहले उनसे किए वादों को लेकर पीछे हट गई है. Also Read - लोकसभा के बाद सोमवार को ही राज्यसभा में पेश हो सकता है कृषि कानूनों को निरस्त करने वाला विधेयक, BJP ने अपने सांसदों को 'पूरी तैयारी' से आने को कहा