Farmers Protest Update: केंद्र के तीन कृषि बिलों के खिलाफ जारी प्रदर्शनों का प्रमुख चेहरा और किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) पर निशाना साधा है. उन्होंने आज शनिवार को कहा कि किसानों ने देश की राजधानी को पिछले सात महीनों से घेर रखा है. भारत सरकार को शर्म नहीं आती? हम कहां बैठें. हमारा कोई घर है वहां. टिकैत ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि सरकार ये गलतफहमी दिमाग से निकाल दे कि किसान वापस चला जाएगा.Also Read - UP News: उत्तर प्रदेश में 17 सरकारी डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा, बोले- सम्मान की जगह अभद्र व्यवहार हुआ

इसके अलावा राकेश टिकैत ने टिकरी बॉर्डर की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसे हत्या नहीं कहा जा सकता. एक बयान उसने सरपंच को दिया कि तेल गिराकर आग लगाई. दूसरा मरने वाले के ही बयान हैं, उसमें कहा कि मेरा घर से झगड़ा हो रहा था और मैं खुद पेट्रोल लाया. उसकी पेट्रोल लाने की फुटेज भी मौजूद हैं और इसकी जांच की जाए. आरोप है कि टिकरी बॉर्डर पर चार लोगों ने कथित तौर पर एक व्यक्ति पर ज्वलनशीन पदार्थ छिड़ककर आग लगा दी और उसकी मौत हो गई. Also Read - UP News: बलिया में पूर्व जिला पंचायत सदस्य की हत्या, बदमाशों ने एसयूवी पर बरसाईं थीं गोलियां

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पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों का आरोप है कि चारों आरोपी टिकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का हिस्सा हैं. इस संबंध में हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज (Haryana Home Minister Anil Vij) ने कहा कि टिकरी बॉर्डर (Tikri Border) पर एक किसान को जला देने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

मृतक की पहचान झज्जर जिला निवासी मुकेश के रूप हुई है. पुलिस ने मृतक के भाई के हवाले से बताया कि वो टिकरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन में चार लोगों ने बुधवार को उसे कथित तौर पर जिंदा जला दिया. आरोप है उस वक्त आरोपी नशे की हालत में थे. पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

उल्लेखनीय है कि तीन नए अधिनियमित खेत कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020; मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम, 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 पर किसान सशक्तिकरण और संरक्षण समझौता हेतु सरकार का विरोध कर रहे हैं.