नई दिल्ली: किसान क्रांति यात्रा को दिल्ली आने से रोकने के लिए दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर किसानों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और पानी कैनन के इस्तेमाल का दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विरोध किया. केजरीवाल ने मंगलवार को मीडिया के सवाल के जवाब में कहा कि किसानों के विरोध मार्च को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने से रोकना गलत है. उन्होंने शहर में किसानों को प्रवेश देने की वकालत की. Also Read - UP Board 10th,12th Compartmental Result 2020 Declared: यूपी बोर्ड ने जारी किया कंपार्टमेंटल रिजल्ट, ये रहा चेक करने का Direct Link

गांधी जयंती के अवसर पर दिल्ली विधानसभा में आयोजित एक समारोह से इतर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘किसानों को दिल्ली (राजधानी) में प्रवेश करने से क्यों रोका जा रहा है, यह गलत है. दिल्ली सबकी है. उन्हें दिल्ली में आने देना चाहिए. हम उनकी मांगों का समर्थन करते हैं.

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भारतीय किसान यूनियन के विरोध प्रदर्शन में शामिल किसान दिल्ली की ओर मार्च कर रहे हैं. कर्ज माफी और ईंधन के दाम में कटौती समेत उनकी कई मांगे हैं. मंगलवार के उन्हें दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर रोक दिया गया. पुलिस ने उन्हें तितर बितर करने के लिए पानी की बौछारें की.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ट्रैक्टरों और ट्रॉलियों पर सवार बड़ी संख्या में किसानों ने उत्तर प्रदेश के अवरोधकों को तोड़ दिया और दिल्ली पुलिस की ओर से लगाए अवरोधकों की ओर बढ़ गए. शहर की पुलिस ने विरोध मार्च के मद्देनजर कानून एवं व्यवस्था की समस्या की आशंका को देखते हुए पूर्वी तथा उत्तरपूर्वी दिल्ली में सोमवार से ही निषेधाज्ञा लागू कर दी थी.

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पूर्वी दिल्ली में निषेधाज्ञा आठ अक्टूबर तक जारी रहेगी. इसके दायरे में प्रीत विहार, जगतपुरी, शकरपुर, मधु विहार, गाजीपुर, मयूर विहार, मंडावली, पांडव नगर, कल्याणपुरी तथा न्यू अशोक नगर पुलिस थाना क्षेत्र आते हैं. (इनपुट एजेंसी)