Rahul Gandhi taunts the Modi government: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान संगठनों और सरकार के बीच आठवे दौर की बातचीत के भी बेनतीजा रहने के बाद शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि ‘तारीख पे तारीख देना’ उसकी रणनीति है. उन्होने ट्वीट किया, ‘‘नीयत साफ़ नहीं है जिनकी, तारीख़ पे तारीख़ देना स्ट्रैटेजी है उनकी!’’Also Read - Prashant Kishore का हमला- 'विपक्ष का नेतृत्व Congress का दैवीय अधिकार नहीं, 10 साल में 90% चुनाव में मिली है हार' |

गौरतलब है कि सरकार और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच तीन कृषि कानूनों को लेकर शुक्रवार को आठवें दौर की वार्ता बेनतीजा रही. सूत्रों के मुताबिक अगली बैठक 15 जनवरी को हो सकती है. Also Read - Mamata Banerjee बोलीं अब कोई UPA नहीं बचा, कांग्रेस ने कहा- सिर्फ अपने बारे में सोचने वाले BJP को ही मजबूत करेंगे

तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की अपनी मांग पर अड़े किसान नेताओं ने शुक्रवार को सरकार से दो टूक कहा कि उनकी ‘‘घर वापसी’’ तभी होगी जब वह इन कानूनों को वापस लेगी. सरकार ने कानूनों को पूरी तरह से निरस्त करने की मांग खारिज करते हुए इसके विवादास्पद बिन्दुओं तक चर्चा सीमित रखने पर जोर दिया. Also Read - Farm Laws: केंद्र के पास नहीं किसानों की मौत के आंकड़े, भड़का विपक्ष, किसान डाटा देने को तैयार

किसान संगठनों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी दी जाए. अपनी मांगों को लेकर हजारों किसान दिल्ली के निकट पिछले करीब 40 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार का कहना है कि ये कानून कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के कदम हैं और इनसे खेती से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी तथा किसान अपनी उपज देश में कहीं भी बेच सकते हैं.

(इनपुट भाषा)