नई दिल्ली/भोपाल. देश के कई राज्यों के किसान 1 से 10 जून तक हड़ताल पर जा रहे हैं. भारतीय किसान यूनियन ने इसके लिए तैयारियां कर ली हैं. इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए गांव-गांव सभाएं की गई हैं. किसानों से अपील की गई है कि हड़ताल के दौरान वे फल, फूल, सब्जी और अनाज अपने घरों से बाहर न निकालें. उनसे ये भी कहा गया है कि वे न तो शहरों से खरीदी करें और न ही बिक्री. ऐसी स्थिति में लोगों को रोजमर्रा की चीजों में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

बताया जा रहा है कि किसान की मुख्य मांग स्वामीनाथन कमीशन को लागू करना और कर्ज माफी है. इसी को लेकर वे हड़ताल कर रहे हैं. बता दें कि पिछले साल मध्यप्रदेश के मंदसौर में फसलों के दाम बढ़ाने को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों पर पुलिस ने गोलियां चलाई थी, जिसमें छह किसानों की मौत हो गई थी. आने वाले 6 जून को इसकी पहली बरसी है.

दिग्विजय सिंह ने लगाया आरोप
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि मध्य प्रदेश की भाजपा नीत सरकार किसानों की आवाज दबा रही है. कर्ज माफी एवं अपनी उपजों के वाजिब दामों सहित विभिन्न मांगों के लिए किसानों द्वारा राष्ट्रीय किसान महासंघ के नेतृत्व में किए जाने वाले इस आंदोलन को देश के करीब 170 किसान संघों का समर्थन प्राप्त हो चुका है. ओरछा से प्रारंभ होने वाली अपनी ‘समन्वय यात्रा’ के लिए जाते वक्त दिग्विजय ने यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘मध्य प्रदेश में किसानों की आवाज दबाई जा रही है. मेरे पास सबूत हैं कि किसानों से बांड भरवाये जा रहे हैं.’’

राहुल करेंगे रैली
दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंदसौर में किसानों पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी की घटना की पहली बरसी पर छह जून को वहां रैली करने जा रहे हैं. पिछले साल छह जून को किसान आंदोलन के दौरान इस गोलीबारी में छह किसानों की मौत हो गई थी. इसी बीच, राष्ट्रीय किसान महासंघ के संयोजक शिवकुमार शर्मा ने भी आरोप लगाया कि एक जून से किसानों के प्रस्तावित आंदोलन के कारण पुलिस किसानों से बांड भरवा रही है.

लोगों ने स्टॉक किया सामान
वहीं, देश भर में एक जून से बुलाये गये किसान आंदोलन से पहले मध्य प्रदेश में लोग अपने घरों में सब्जी-तरकारी का पर्याप्त स्टॉक करने के लिए मंडियों में उमड़ पड़े. इस बीच, सब्जियों के दामों में भारी उछाल दर्ज किया गया. आंदोलन से जुड़े कृषक संगठनों ने किसानों से अपील की है कि वे 10 दिवसीय “ग्राम बंद” के दौरान गांवों से शहरों को फल-सब्जियों और दूध की आपूर्ति रोक दें. इन संगठनों की मांगों में यह भी शामिल है कि सरकार कृषि जिंसों के साथ फल-सब्जियों और दूध का ऐसा न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करे जिससे किसानों को लागत से डेढ़ गुना ज्यादा फायदा हो.

शिवराज ने साधा निशाना
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि दिग्विजय सिंह अपनी सरकार के जमाने में किसानों की समस्या सुनकर हंसते थे. लेकिन उनकी सरकार ने पिछले एक साल में ही किसानों के कल्याण के लिए 20,000 करोड़ रुपये खर्च किये हैं. यहां एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा, ‘‘जब मैं सांसद था, उस वक्त किसानों की फसलों को नुकसान होने पर मैं तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पास किसानों की मदद करने की गुहार लगाने जाया करता था. लेकिन वह हंसते थे. उन्होंने कहा, ‘‘इसके विपरीत मेरी सरकार ने पिछले एक साल में ही किसानों के कल्याण के लिए भारी भरकम 20,000 करोड़ रूपये खर्च किये हैं.’’

राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
एक जून से मध्य प्रदेश में शुरू होने वाले 10 दिवसीय किसान आंदोलन पर पूछे गये सवाल के जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘देखिये मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि हमारे (मध्य प्रदेश के) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह किसानों का आंदोलन नहीं, बल्कि कांग्रेस का आंदोलन है. उन्होंने यह सच कहा.’’ मंदसौर में राहुल की छह जून को होने वाली किसान रैली की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जब भी चुनाव होते हैं, कांग्रेस के अध्यक्ष किसी न किसी प्रकार से इसी तरह के काम करते हैं.’’ राजनाथ ने कहा, ‘‘वह कलावती को भूल गये. उत्तर प्रदेश के भट्टा-पारसौल के किसान आंदोलन को भूल गये. जो अब वह मंदसौर की बात कर रहे हैं.’’