नई दिल्ली: अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) ने मंगलवार को कृषि कर्ज की माफी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टालमटोल के विरोध में 8 और 9 जनवरी को ग्रामीण भारत बंद का ऐलान किया है. एआईकेएस के अध्यक्ष अशोक धावले ने बताया कि केंद्रीय किसान परिषद की दो दिवसीय बैठक में 8 और 9 जनवरी को ग्रामीण भारत बंद का प्रस्ताव पारित किया गया. एआईकेएस माकपा से संबद्ध किसान संगठन है. उन्होंने कहा, यह बंद कृषि कर्ज माफी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टालमटोल वाले रवैये के विरोध में आयोजित किया जा रहा है. Also Read - आज गुजरात को कई परियोजनाओं की सौगात देंगे पीएम मोदी, ‘किसान सूर्योदय योजना’ को भी करेंगे शुरू

एआईकेएस के ग्रामीण भारत बंद का भूमि अधिकार सभा (बीएएस) ने समर्थन किया है. यह संगठन गरीब किसानों को खेती के लिए जमीन मुहैया कराने की मांग कर रहा है. एआईकेएस के महासचिव हन्नान मोल्ला ने कहा कि सरकार को न केवल किसानों की कृषि कर्ज माफी बल्कि गरीब किसानों के भूमिहीन होने के मुद्दे को भी हल करना चाहिए. बीएएस ने हमारे बंद का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की कथित कॉरपोरेट समर्थित नीतियों के विरोध में अगले साल 8 और 9 जनवरी को कई श्रमिक संगठनों ने हड़ताल का ऐलान कर रखा है. Also Read - पीएम मोदी ने FAO की 75वीं वर्षगांठ पर 75 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया

दूसरी ओर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार द्वारा किसानों के कर्जमाफी के एलान के बाद दूसरे राज्यों में बीजेपी की सरकारों ने कर्जमाफी शुरू करने की बात कही है. वहीं कुछ राज्यों में ये काम शुरू भी कर दिया गया है. असम सरकार ने 600 करोड़ रुपये के कृषि कर्ज माफ करने को मंजूरी दे दी है. इससे राज्य में आठ लाख किसानों को लाभ होगा. असम सरकार के प्रवक्ता और संसदीय मामलों के मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने कहा कि योजना के तहत सरकार किसानों के 25 प्रतिशत तक कर्ज बट्टे खाते में डालेगी. इसकी अधिकतम सीमा 25,000 रुपये है. इस माफी में सभी प्रकार के कृषि कर्ज शामिल हैं. Also Read - अटल टनल का Inside Video सामने आया, PM मोदी 10 बजे शनिवार को करेंगे उद्घाटन

वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओड़िशा इकाई ने प्रदेश के लोगों से वादा किया है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में अगर वह सत्ता में आती है तो किसानों के कर्ज माफ कर दिए जाएंगे. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बसंत पांडा ने संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की. सूबे में विधानसभा चुनाव अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ ही होना है. पांडा ने संवाददाताओं को बताया, ‘अगले साल 2019 में होने वाले विधानसभा चुनावों में अगर भारतीय जनता पार्टी ओडिशा में सत्ता में आती है हमलोग किसानों के कर्ज माफ करेंगे.

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की नवगठित सरकारों द्वारा किसानों की कर्ज माफी का फैसला किए जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि पूरे देश के किसानों का कर्ज माफ करवाने के लिए मोदी सरकार पर ‘दबाव डाला’ जाएगा और जब तक यह नहीं हो जाता तब तक वह ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चैन से सोने नहीं देंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि अगर नरेंद्र मोदी सरकार पूरे देश के किसानों का कर्ज माफ नहीं करती है तो केंद्र में सरकार बनने के बाद कांग्रेस ‘गारंटी के साथ’ यह करके दिखाएगी.

(इनपुट-भाषा)