Farmers Protest: केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध रहे दिल्ली की सीमाओं पर जुटे किसानों ने सभी से अपील की है कि वे 27 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम के दौरान अपने-अपने घरों में थाली बजाएं. बता दें कि दिल्ली शीत लहर की चपेट में है, इसके बावजूद केंद्र के कृषि कानूनों का दिल्ली की सीमाओं पर विरोध कर रहे किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं. Also Read - ट्रैक्टर रैली को लेकर बहस पर किसानों ने कहा- रैली निकालना हमारा अधिकार, हज़ारों लोग इसमें शामिल होंगे

किसान आंदोलन शुरू हुए चार सप्ताह हो चुके हैं और इसके कारण सीमा पर कई बिंदुओं पर यातायात का मार्ग परिवर्तित किया गया है. Also Read - किसानों की ट्रैक्टर रैली पर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सरकार के पास इसे निपटाने के सभी अधिकार, पुलिस को जो करना है करे

रविवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय किसान यूनियन के नेता जगजीत सिंह दलेवाला ने कहा, “हम सभी से अपील करेंगे कि 27 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम के दौरान जब तक वे बोलेंगे तब तक अपने-अपने घरों में ‘थाली’ बजाएं.” जगजीत सिंह दलेवाला ने ये भी कहा कि किसान हरियाणा में राजमार्गों पर 25 दिसम्बर से 27 दिसम्बर तक टोल वसूली को रोकेंगे. Also Read - अहमदाबाद और सूरत को मेट्रो ट्रेन का तोहफा, पीएम मोदी ने दो परियोजनाओं की आधारशिला रखकर कहा- बदलेगी सूरत

राकेश टिकैत ने कहा कि नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान 23 दिसम्बर को किसान दिवस मनायेंगे, लोगों से एक दिन के लिए दोपहर का भोजन नहीं पकाने का अनुरोध है. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, “जब तक बिल वापिस नहीं होगा, MSP पर कानून नहीं बनेगा तब तक किसान यहां से नहीं जाएंगे. 23 तारीख को किसान दिवस के मौके पर किसान आप से कह रहे हैं कि एक समय का भोजन ग्रहण न करें और किसान आंदोलन को याद करें.”

स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेन्द्र यादव ने कहा कि केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ सभी विरोध प्रदर्शन स्थलों पर किसान सोमवार को एक दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे.