नई दिल्ली: फसल के वाजिब दाम, कर्ज माफी सहित अन्य मांगों को लेकर किसानों 10 दिवसीय देशव्यापी ‘गांव बंद आंदोलन’ कर रहे हैं. आज किसानों के प्रदर्शन का दूसरा दिन है. इस मुद्दे पर जब मीडिया ने केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह से सवाल किया तो उन्होंने विवादित बयान दे डाला. कृषि मंत्री ने कहा कि देश में 12-14 करोड़ किसान हैं. किसी भी संगठन में एक हजार से दो हजार किसान स्वभाविक हैं. उन्होंने कहा कि मीडिया में आने के लिए अनोखा काम करना ही पड़ता है. उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों किसान हैं. ऐसे में कुछ हजार किसानों का प्रदर्शन मायने नहीं रखता.

किसान कर रहे हैं 10 दिन का प्रदर्शन
किसानों का आंदोलन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहने के बीच पंजाब और हरियाणा के विभिन्न शहरों में सब्जियों की कीमतें बढ़नी शुरू हो गई हैं. कृषि उत्पादों की मंडियों में ताजा आपूर्ति कम हो गई है और यहां तक कि किसान सब्जियां एवं दूध सड़कों पर फेंक रहे हैं और शहरों को इनकी आपूर्ति रोक रहे हैं. किसानों ने केंद्र की किसान विरोधी कथित नीतियों के खिलाफ शुक्रवार से 0 दिनों का आंदोलन शुरू किया है. इसके तहत वे सब्जियों,फल,दूध और अन्य वस्तुओं की शहरों को आपूर्ति बंद कर रहे हैं.

पंजाब में सब्जियां महंगी
किसानों के आंदोलन का असर कृषि वस्तुओं पर पहले दिन नहीं दिखा था लेकिन कई शहरों में सब्जियों का खुदरा मूल्य दूसरे दिन 10 से 20 रुपये प्रति किग्रा बढ़ गया. इसके चलते शहरों में उपभोक्ताओं को सब्जियां खरीदने के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ा. व्यापारियों का कहना है कि मंडियों में सब्जियों की ताजा आपूर्ति कम हो गई है जिससे आने वाले दिनों में उनकी कीमतें बढ़ने की आशंका है. पंजाब में नाभा, लुधियाना,मुक्तसर, तरन तारन, नांगल और फिरोजपुर सहित कई स्थानों पर किसानों का प्रदर्शन जारी है. सब्जियों और दूध को शहरों में जाने देने से रोकने के लिए किसानों द्वारा नाकाबंदी करने की भी खबरें हैं.

महाराष्ट्र में दिखा असर
वहीं महाराष्ट्र के नासिक जिले में भी विभिन्न बाजार समितियों तक सब्जियां पहुंचाने और जिले में दूध एकत्रित करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई. अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकारी अध्यक्ष राजू देसाले ने बताया कि जिले की सभी दूध डेयरियां बंद हैं और दूध इकठ्ठा करने वाले केंद्र इससे प्रभावित हुए हैं. प्रदर्शन कर रहे किसानों ने शनिवार सुबह येओला तालुका के विसपुर में सड़कों पर दूध उड़ेल दिया. एपीएमसी में सब्जियां बहुत धीमी गति से पहुंचाई जा रही हैं.

राहुल गांधी ने साधा निशाना
दूसरी ओर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी निशाना साधा है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार कृषि संकट की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है.उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के हक की लड़ाई में कांग्रेस उनके साथ खड़ी होगी. राहुल ने ट्वीट किया,‘हमारे देश में हर रोज 35 किसान आत्महत्या करते हैं. कृषि क्षेत्र पर छाए संकट की तरफ केंद्र सरकार का ध्यान खींचने के लिए किसान भाई 10 दिन का आंदोलन करने पर मजबूर हैं. हमारे अन्नदाताओं के हक की लड़ाई में उनके साथ खड़े होने के लिए 6 जून को मंदसौर में किसान रैली को संबोधित करूंगा.