नई दिल्ली: किसानों की कर्जमाफी की आग अब महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश से बाहर निकलकर देश के अन्य राज्यों में भी फैलने लगी है. महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार ने किसानों की कर्ज माफी की मांग मान ली, जिसके बाद बाकी राज्यों के किसान भी कर्ज माफी की मांग करने लगे हैं. आज( 12जून) को पंजाब और कर्नाटक के किसान भी सड़कों पर उतरकर सरकार से कर्जमाफी की मांग करेंगे.Also Read - Omicron Latest Update: कर्नाटक में संक्रमित पाए गए दो दक्षिण अफ्रीकी नागरिक, जांच के लिए भेजे गए सैंपल

सोमवार को जिला व तहसील स्तर पर धरने दिए जाएंगे, जबकि, 16 जून को राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दौरान तीन घंटे के लिए पंजाब के सभी हाईवे जाम किए जाएंगे. दोपहर बारह से शाम चार बजे तक धरने के बाद डिप्टी कमिश्नरों को पीएम और सीएम को संबोधित ज्ञापन दिए जाएंगे. वहीं, भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) तहसील स्तर पर मौन जलूस निकालेगी. किसान काली पट्टियां बांधकर और तख्तियां लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करेंगे. Also Read - कोरोना वायरस के चलते महाराष्ट्र सरकार ने लगाए नए प्रतिबंध, यात्रियों के लिए RT-PCR रिपोर्ट जरूरी; यहां देखें Full गाइडलाइन

संगठन प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि पहले सभी संगठनों ने अलग-अलग प्रदर्शन का एलान कर दिया था. इसलिए सोमवार को वह अपना प्रदर्शन करेंगे और दूसरे संगठन अपना, लेकिन शनिवार को दिल्ली में देश भर के किसानों संगठनों की बैठक हुई जिसमें फैसला किया गया कि भविष्य में सभी संगठन एकजुट होकर आंदोलन करेंगे. Also Read - सिद्धू ने दी आमरण अनशन की धमकी, पंजाब सरकार से कहा- मादक पदार्थ पर सार्वजनिक करे रिपोर्ट

महाराष्ट्र में किसानों ने वापस लिया आंदोलन 

महाराष्‍ट्र सरकार ने सभी किसानों का कर्ज माफ करने का फैसला किया है. महाराष्ट्र के किसानों और राज्य सरकार के बीच रविवार को चली बैठक खत्म हो गई है. बैठक के बाद सरकार ने सभी किसानों का कर्ज माफ करने का फैसला किया है. बैठक में तय किया गया है कि कर्ज़ माफी के लिए सरकार और किसानों की कमेटी बनेगी और किसानों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे. सरकार के इस फैसले के बाद किसान संगठनों ने सोमवार को आयोजित किया जाने वाला प्रदर्शन रद्द कर दिया है.

महाराष्ट्र के किसान 10 दिन से कर रहे थे आंदोलन 

10 दिन से महाराष्ट्र के किसान खेती बाड़ी छोड़कर सड़क पर आंदोलन कर रहा थे. जिन फसलों को पसीना बहाकर खड़ा किया था उसे अपने ही हाथों से सड़क पर बर्बाद करने पर किसान मजबूर हुए. किसानों की शिकायत थी कि उन्हें एक तो फसल की सही कीमत नहीं मिलती. दूसरे कर्ज का बोझ उन्हें जीने नहीं दे रहा था.

महाराष्ट्र सरकार पर पहले से 4 लाख करोड़ रु का कर्ज

महाराष्ट्र के कुल 1 करोड़ 36 लाख किसानों पर करीब 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है. इनमें से करीब 31 लाख छोटे किसानों की कर्जमाफी पर 30 हजार करोड़ रुपए लगेंगे. महाराष्ट्र सरकार पर पहले से 4 लाख करोड़ रु का कर्ज है. ऐसे में कर्जमाफी के पैसे कहां से आएंगे?