Farmers Protest: किसान आंदोलन (Kisan Andolan) फिलहाल खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं. किसान नेताओं ने आंदोलन को खत्म करने से साफ़ इनकार कर दिया है. किसान नेताओं ने आज हुई मीटिंग के बाद कहा कि आंदोलन चलता रहेगा. हमारी कई मांगें हैं. इनमें से सबसे अहम MSP और किसानों पर दर्ज मुक़दमे वापस लेने की मांग है. किसानों पर ये मुक़दमे आंदोलन के दौरान दर्ज किये गए हैं.Also Read - UP Election 2022: आरएलडी और सपा को समर्थन देगी भारतीय किसान यूनियन, नरेश टिकैत ने की घोषणा

पिछले एक साल से किसान दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन चला रहे हैं. हाल ही में पीएम मोदी (PM Modi) ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया, इसके बाद संसद में भी ये कानून वापस ले लिए गए. उम्मीद थी कि सरकार के इतने बड़े फैसले के बाद आंदोलन खत्म हो जाएगा और किसान वापस चले जायेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने आंदोलन खत्म करने से इनकार करते हुए कहा कि हमारी और भी मांगें हैं, जो अभी पूरी नहीं हुई हैं. हम कहीं नहीं जा रहे हैं. Also Read - BJP सांसद की किरकिरी, किसानों से ताली बजाने को कहा, सुनने को मिला इनकार

किसान नेता दर्शल सिंह पाल ने कहा कि किसान तब तक प्रदर्शन स्थलों से नहीं हटेंगे, जब तक सरकार कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान उनके विरुद्ध दर्ज मामले वापस नहीं ले लेती. आंदोलनकारी किसानों की लंबित मांगों को लेकर सरकार से बातचीत करने के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है. ये सभी किसान नेताओं ने मीटिंग के बाद फैसला लिया है. इस कमेटी में बलबीर सिंह राजेवाल, शिवकुमार कक्का, गुरनाम सिंह चरुनी, युधवीर सिंह और अशोक धावले शामिल हैं. किसान नेताओं की अगली मीटिंग सात दिसंबर को होगी. Also Read - Rakesh Tikait ने क्यों कहा- खत्म नहीं हुआ है किसानों का आंदोलन? जानें 26 जनवरी का क्या है 'प्लान'