FASTag Annual Pass: फास्टैग एनुअल पास की फीस बढ़ी, 1 अप्रैल से देने होंगे इतने रुपये, NHAI के नए नियम जानिए

फास्टैग एनुअल पास को पिछले साल 15 अगस्त को लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था.

Updated Date:March 15, 2026 2:48 PM IST

By Shivendra Rai Edited By Shivendra Rai

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FASTag Annual Pass: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने आने वाले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए FASTag वार्षिक पास की दरों में बदलाव किया है. अब गैर-व्यावसायिक वाहन इस्तेमाल करने वालों को 1 अप्रैल से पास के लिए 3075 रुपये देने होंगे. पहले यह दर 3000 रुपये थी. फास्टैग एनुअल पास को पिछले साल 15 अगस्त को लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था.

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FASTag वार्षिक पास के नियम क्या हैं?

जिस व्यक्ति के पास गैर-व्यावसायिक उद्देश्य के लिए पंजीकृत वाहन (कार, जीप और वैन) है और जिसके पास चालू FASTag है, वह FASTag वार्षिक पास के लिए पात्र है. यह पास एक साल के लिए या राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी भी टोल नाके से दो सौ बार गुजरने तक मान्य रहता है. FASTag वार्षिक पास 'राजमार्गयात्रा' मोबाइल ऐप या NHAI की वेबसाइट से खरीदा जा सकता है.

कितने लोग यूज करते हैं फास्टैग एनुअल पास?

नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा दी गई इस सुविधा को लोगों ने खूब पसंद किया है. फास्टैग वार्षिक पास निजी वाहन मालिकों के बीच काफी लोकप्रिय है और वर्तमान में 56 लाख से अधिक उपयोगकर्ता इसका लाभ उठा रहे हैं. इसका उपयोग देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर स्थित लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर किया जा सकता है.

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फास्टैग एनुअल पास के लाभ क्या हैं?

फास्टैग वार्षिक पास उपयोग करने से वाहन चालकों को बार-बार रिचार्ज नहीं करना पड़ता है. इसके लिए उन्हें एक बार शुल्क देना होता है जो एक वर्ष या अधिकतम 200 टोल प्लाजा क्रॉसिंग तक मान्य रहता है. यह सुविधा ऐसे लोगों के लिए खास है जो नियमित रूप से राजमार्गों पर यात्रा करते हैं. भुगतान हो जाने के बाद, वार्षिक पास वाहन से जुड़े मौजूदा फास्टैग पर दो घंटे के भीतर सक्रिय हो जाता है.

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के पास मौजूद डेटा के मुताबिक, नेशनल हाईवे नेटवर्क पर दर्ज कुल कार लेन-देन (गैर-व्यावसायिक गाड़ियों के लिए) का एक-चौथाई से ज्यादा या करीब 28% लेन-देन अब FASTag सालाना पास के जरिए ही हो रहा है.

आंकड़ों से ये भी पता चलता है कि 2016 में शुरू होने के बाद से अब तक कुल 11.86 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं. इनमें से करीब 5.9 करोड़ FASTag पूरे देश में चालू हालत में हैं और नेशनल हाईवे फीस प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं. नेशनल हाईवे पर 98% से ज्यादा यूजर फीस FASTag के ज़रिए ही वसूली जाती है.

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Published Date:March 15, 2026 2:05 PM IST

Updated Date:March 15, 2026 2:48 PM IST