नई दिल्ली. दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार को बढ़ाने और यात्री सुविधा में इजाफा करने के मद्देनजर मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत इलाहाबाद और मुगलसराय के बीच एक नई रेल लाइन के निर्माण की मंजूरी दी गई है. अभी इस रूट पर अप और डाउन, दो रेल लाइनें हैं. तीसरी नई रेल लाइन के बन जाने से देश के इस व्यस्ततम रेलमार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही में सुविधा होगी. साथ ही इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ सकेगी. मोदी सरकार ने इलाहाबाद और मुगलसराय के बीच रेल रूट के अवरोध दूर करने के मकसद से 2,649 करोड़ रुपए की लागत से तीसरी रेल लाइन के निर्माण को बुधवार को मंजूरी दी है.

बुधवार को दिल्ली में एक प्रेसवार्ता के दौरान रेल व वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) के फैसले की जानकारी दी. रेल मंत्री ने कहा, “सीसीईए ने इलाहाबाद और पंडित दीनदयाल उपाध्याय (मुगलसराय) स्टेशन के बीच अनुमानित 2,649.44 करोड़ रुपए की लागत से एक तीसरी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है.” रेलमंत्री ने बताया कि इलाहाबाद और पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशनों के बीच रेलमार्ग की क्षमता 159 फीसदी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सीसीईए की बैठक में यह फैसला लिया गया. गोयल ने कहा कि इन दोनों रेलवे स्टेशनों के बीच 150 किलोमीटर लंबा यह रेलमार्ग साल 2023-24 तक पूरा होगा. यह काम उत्तर रेलवे निर्माण संगठन द्वारा पूरा किया जाएगा. रेलमंत्री ने कहा कि इस तीसरे रेलमार्ग से रेल यातायात की कठिनाई दूर होगी. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस रेलखंड पर यात्री व मालगाड़ियों की संख्या इसकी क्षमता से अधिक है, जिस कारण भारी भीड़भाड़ बनी रहती है. अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से क्षमता बढ़ेगी और भीड़भाड़ दूर होगी.

(इनपुट – एजेंसी)