अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) केएक शोध छात्र मनान बशीर वानी के कथित रूप से आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल होने की खबर के बाद उसके घर वाले बेहद दुखी हैं. मन्नान के घर वालों ने कभी उम्मीद नहीं की थी कि वे अपने जिस बेटे को पढ़ा लिखा कर अच्छा इंसान बनाने का सपना देख रहे हैं वह एक दिन आतंक की राह पर चल पड़ेगा. Also Read - आतंकी संगठनों को मदद दे रहा है पाकिस्तान, सुरक्षित वातावरण मुहैया कराना जाना जारी: विदेश मंत्रालय

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मनान के पिता बशीर वानी का कहना है, ”यह मेरा दुर्भाग्य है. इस घटना ने मुझे झकझोर कर रख दिया है. मैंने 3 को उससे बात की थी और 4 को उसका मैसेज आया था उसकी बहन के पास, उसने कुछ तस्वीरें भेजी थीं. उसने मुझे, अपनी मां और बहन को दुख दिया है. वह काफी प्रतिभाशाली लड़का है. अगर उसे कुछ समस्या थी तो वह इसे कुछ अलग तरीके से बयां कर सकता था. मुझे उससे ऐसी उम्मीद नहीं थी.” Also Read - कश्मीर: मौका दिए जाने के बावजूद तीन आतंकियों ने नहीं किया समर्पण, सेना के किया ढेर

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फिलहाल मनान को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार मनान यह भूगर्भ विज्ञान (जियोलोजी) का शोध छात्र है. छात्र की विभाग में आखिरी हाजिरी दो जनवरी की लगी हुई है. विश्वविद्यालय के अधिकारियों के मुताबिक वानी जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा का रहने वाला है और विश्वविद्यालय में छह जनवरी से होने वाली सर्दी की छुटि्टयों से पहले अपने घर चला गया था,लेकिन वह घर नहीं पहुंचा.

सोमवार सुबह अलीगढ़ के पुलिस अधीक्षक का इस छात्र के कथित तौर पर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने संबंधी जानकारी का एक पत्र सोमवार को विश्वविद्यालय के अधिकारियों को मिला, उसके तुरंत बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र का कमरा सील कर दिया. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह जानकारी मीडिया की खबर व पुलिस अधीक्षक के पत्र के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को पता चली. उन्होंने बताया कि मीडिया की खबरों के जरिये जानकारी मिली कि वानी की सोशल मीडिया पर ‘ऐके 47 राइफल’ के साथ फोटो वायरल हुई है.

एएमयू के प्रॉक्टर मोहसिन खान ने बताया कि विश्वविद्यालय इस पूरे मामले की व्यापक जांच कर रहा है. इसके लिए एक जांच कमेटी बनायी गयी है जो इस मामले की व्यापक जांच करेगी. इसके अलावा विश्वविद्यालय विभिन्न छात्रावासों की सुरक्षा बढाने के इंतजाम कर रहा है.

प्राक्टर ने कहा कि इस घटना की जानकारी मिलने से पहले ही विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो तारिक मंसूर ने सभी सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिये थे कि वह परिसर के सभी द्वार पर निगरानी रखें और परिसर एवं छात्रावासों में प्रवेश करने वाले सभी युवाओं के पहचान पत्र देखे जायें. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाए .