अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी (FBI) ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें नई तरह के साइबर स्कैम का जिक्र है. इस स्कैम को ‘वर्चुअल किडनैपिंग’ कहा जा रहा है, जिसमें धोखेबाज (स्कैमर्स) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके फर्जी वीडियो और फोटो बनाते हैं. ये वीडियो या फोटो किसी करीबी व्यक्ति जैसे बच्चे, माता-पिता या दोस्त को किडनैप हुए, रोते-चिल्लाते या डरे हुए दिखाते हैं. फिर, ‘रिहाई’ के लिए तुरंत पैसे की मांग की जाती है.
स्कैम कैसे काम करता है?
FBI की पब्लिक सर्विस एनाउंसमेंट (PSA) के मुताबिक, स्कैमर्स का तरीका बेहद चालाकी भरा है. जिसमें स्कैमर्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक) से पीड़ित के परिवार या दोस्तों की पब्लिक फोटो और वीडियो चुराते हैं. कभी-कभी वे वॉइस क्लिप्स भी इस्तेमाल करते हैं.
AI का इस्तेमाल: इन सामग्रियों को जेनरेटिव AI टूल्स (जैसे डीपफेक सॉफ्टवेयर) में डालकर फर्जी ‘प्रूफ ऑफ लाइफ’ बनाया जाता है. इसमें व्यक्ति को बंधक बनाया हुआ, घायल या डरा हुआ दिखाया जाता है. उदाहरण के लिए, एक वीडियो में बच्चा रोते हुए ‘मदद करो’ कहता दिख सकता है, जो AI से क्लोन की गई आवाज से बनाया गया हो.
संपर्क और दबाव: पीड़ित को अचानक टेक्स्ट मैसेज या कॉल आती है, जिसमें कहा जाता है कि उनका करीबी किडनैप हो गया है. ‘प्रूफ’ के रूप में फर्जी वीडियो/फोटो भेजा जाता है. स्कैमर्स हिंसा की धमकी देते हैं और तुरंत पैसे (रैनसम) मांगते हैं – अक्सर क्रिप्टोकरेंसी, वायर ट्रांसफर या गिफ्ट कार्ड्स से. वे टाइम्ड मैसेजिंग का इस्तेमाल करते हैं, ताकि पीड़ित को जांचने का समय न मिले.
वास्तव में कोई अपहरण नहीं होता. यह पूरी तरह वर्चुअल और फर्जी होता है, लेकिन डर के कारण लोग जल्दबाजी में पैसे दे देते हैं.
FBI ने बताया कि 2024 में ग्लोबली हर 5 मिनट में एक डीपफेक अटैक हुआ था, और डिजिटल डॉक्यूमेंट फॉर्जरी में 244% की बढ़ोतरी हुई. 2025 में यह समस्या और तेजी से बढ़ रही है. FBI को 2024 में ऐसे ‘इमरजेंसी स्कैम्स’ की 357 शिकायतें मिलीं, जिनसे पीड़ितों को 2.7 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ.
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कैसे बचें?
FBI ने लोगों को सतर्क रहने और इन टिप्स का पालन करने की सलाह दी है.
यात्रा के दौरान या मिसिंग पर्सन पोस्ट करते समय कम पर्सनल इंफॉर्मेशन शेयर करें. प्राइवेसी सेटिंग्स टाइट रखें – फोटो/वीडियो सिर्फ क्लोज फ्रेंड्स को दिखाएं.
कोई अचानक रैनसम डिमांड आए तो घबराएं नहीं. हमेशा ‘किडनैप’ हुए व्यक्ति से सीधे संपर्क करें (कॉल या मैसेज). फैमिली कोड वर्ड (सुरक्षा शब्द) सेट करें, जो असली संकट में इस्तेमाल हो.
स्कैमर्स पैनिक क्रिएट करते हैं. रुकें, सोचें – क्या यह लॉजिकल लग रहा है? कभी भी अनजान पेमेंट मेथड (जैसे क्रिप्टो) न अपनाएं.
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