नई दिल्लीः ऐसे समय में जब दुनिया मंगल ग्रह पर जीवन की संभावना तलाश रही है. हम चांद पर कॉलोनी बसाने की बात कर रहे हैं. इंसान बोलने और इंसानों की तरह की व्यवहार करने वाले रोबोट बना रहा है भूत की बात करना बेइमानी है. हाल ही में आई फिल्म परी को पाकिस्तान ने यह कहते हुए बैन कर दिया था कि इसमें काला जादू को प्रमोट किया गया है. देश में कई राज्यों की सरकार के प्रतिनिधियों को भूत-प्रेत का डर सता रहा है. बिहार से ले कर राजस्थान और मध्यप्रदेश से ले कर अरुणाचल प्रदेश तक कई विधायकों को भूत सता रहे हैं और वे इससे निजात पाने के लिए ओझा-पंडित का चक्कर लगा रहे हैं. वहीं तर्कवादी विधायकों में वैज्ञानिक सोच की कमी पर चिंता जता रहे हैं.Also Read - Punjab: अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस में एक पूर्व MP और 4 पूर्व MLAs हुए शामिल

बिहार का हाल
बिहार में राजद विधायक और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने हाल ही में पटना में अपना सरकारी बंगला यह कहते हुए खाली कर दिया कि वहां भूत हैं. राजस्थान में सत्तारूढ़ बीजेपी के विधायकों को विधानसभा की इमारत ही भूतों से भरी लगती है. तेज प्रताप ने कहा था कि मैंने बंगला खाली करने का फैसला कर लिया क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इसमें भूत छोड़ दिया है. Also Read - Hum Sarkar Hain: गाड़ी रोकी तो सुरक्षा अधिकारी पर फूटा बिहार के मंत्री का गुस्सा, देखें VIDEO

राजस्थान विधानसभा में ‘भूत’
उधर, राजस्थान विधानसभा के विधायक भी भूत से डर रहे हैं. बीजेपी विधायक हबीबुर रहमान का मानना है कि विधानसभा की इमारत जिस जमीन पर बनी है, उसके एक हिस्से में श्मशान था और इसलिए अपवित्र है. रिपोर्टों के अनुसार उस समय दहशत मच गई जब सिर्फ छह महीने के अंदर दो विधायकों की मौत हो गई. अब ‘शुद्धीकरण अनुष्ठान’ की बात चल रही है. Also Read - सुना है कि बीजेपी अपने 150 MLA के टिकट काटने जा रही... हमने 300 सीटों को पार कर लिया: अखिलेश यादव

मध्य प्रदेश भी अछूता नहीं
मध्य प्रदेश विधानसभा के कुछ सदस्यों ने दिसंबर में पिछले चार वर्षों में हुए नौ विधायकों की मौत पर सवाल खड़े करते हुए पूजा आयोजित करने की मांग की थी. उनका दावा था कि इमारत में ‘वास्तु दोष’ है.

सीएम की आत्महत्या के बाद बंगला बना भूत बंगला!
अरुणाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में मुख्यमंत्री के आधिकारिक बंगले को राज्य के गेस्ट हाउस में तब्दील करने का निर्णय लिया है. इस बंगले के बारे में कहा जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री कलिखो पुल द्वारा आत्महत्या करने के बाद यह भूत के साये में है. पुल ने पिछले साल नौ अगस्त को आत्महत्या कर ली थी.

क्या कहना है तर्कवादियों का
वैज्ञानिक चिंतन के कारण मारे गए तर्कवादी नरेंद्र डभोलकर की बेटी मुक्ता डभोलकर ने कहा कि यह दुखद है कि विधायकों में वैज्ञानिक चिंतन नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर कुछ सही नहीं चल रहा है तो इसके कुछ स्पष्टीकरण हैं. आप इसकी व्याख्या काला जादू या श्राप के रूप में नहीं कर सकते हैं. दाभोलकर अपने पिता के महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की सदस्य भी हैं. उन्होंने कहा कि या फिर वे लोगों को वास्तविक मुद्दे से भटकाना चाहते हैं.

वरिष्ठ भाकपा नेता अतुल कुमार अंजान ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार अंधविश्वास को संरक्षण देने का काम कर रही है. यादव, हालांकि बीजेपी का विरोध करनेवाली पार्टी से ताल्लुक रखते हैं. अंजान ने याद करते हुए कहा कि कुछ साल पहले केंद्र के एक मंत्री ने तांत्रिकों को बुलाया था. मंत्री ने इस तरह की जानकारी को विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की भी बात कही थी.

माकपा के नेता मोहम्मद सलीम ने कहा कि यह बुरा है कि ऐसे समय में जब हमारे पास मंगलयान है और हम चांद पर कॉलोनी बसाने की बात कर रहे हैं तो कुछ लोग पुराने समय की काल्पनिक कहानियों को स्थापित कर रहे हैं और उसे आधुनिक माध्यमों द्वारा फैलाने का प्रयास कर रहे हैं.

(इनपुट भाषा)