LPG के बाद क्या अब होगा खाद का संकट? सरकार ने बताया कितना है फर्टिलाइजर स्टॉक- क्या किसानों को घबराने की जरूरत
सरकार ने साफ कर दिया है कि कि बढ़ते पश्चिम एशिया संकट और सप्लाई की दिक्कतों के बावजूद देश में फर्टिलाइजर का पर्याप्त स्टॉक है. भारत के पास फिलहाल 180 लाख मीट्रिक टन खाद है.
India Fertilizer Stock: ईरान-इजरायल की जंग का व्यापक असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है. देश में फिलहाल सिर्फ LPG संकट (LPG Crisis) है. सरकार ने पेट्रोल-डीजल के पर्याप्त स्टॉक होने की बात कही है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि पैनिक बाइंग न करें. जंग लंबी चली तो पेट्रोल-डीजल और LPG के अलावा और भी कई चीजों का संकट हो सकता है. इनमें से एक नाम फर्टिलाइजर का भी है. सरकार ने सोमवार (30 मार्च) को यह साफ कर दिया है कि पश्चिम एशिया संकट और सप्लाई में कमी के बावजूद हमारे पास फर्टिलाइजर का स्टॉक काफी है.
देश में अभी कितना है फर्टिलाइजर स्टॉक?
न्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने सोमवार को कहा कि बढ़ते पश्चिम एशिया संकट और सप्लाई की दिक्कतों के बावजूद फर्टिलाइजर का स्टॉक करीब 180 लाख मीट्रिक टन है, जबकि एक साल पहले यह 147 लाख मीट्रिक टन था. फर्टिलाइजर डिपार्टमेंट की एडिशनल सेक्रेटरी अपर्णा शर्मा ने बताया कि घरेलू यूरिया प्रोडक्शन पर असर पड़ा है. उन्होंने एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग में कहा कि आज तक हमारे पास काफी स्टॉक है. यूरिया और डायमोनियम फॉस्फेट (DAP) किसानों को रेगुलेटेड कीमतों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि सप्लाई कंट्रोल में है.
सरकार ने फर्टिलाइजर स्टॉक पर क्या कहा?
एडिशनल सेक्रेटरी अपर्णा शर्मा ने आगे कहा कि ग्लोबल फर्टिलाइजर मार्केट पर असर पड़ा है और मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात की वजह से कीमतें बढ़ गई हैं. हमारी माल ढुलाई की लागत भी बढ़ गई है. भारत एग्रीकल्चर सेक्टर की मांग को पूरा करने के लिए यूरिया और फॉस्फेटिक फर्टिलाइजर के इंपोर्ट पर निर्भर है. इस निर्भरता को देखते हुए एक स्थिर सप्लाई पक्का करने के लिए, फर्टिलाइजर डिपार्टमेंट (Fertilizer Department) ने भारतीय कंपनियों कृभको, इंडियन पोटाश लिमिटेड (Indian Potash Limited) और सीआईएल के बीच सऊदी अरब की मादेन के साथ एग्रीमेंट की है. इसके तहत वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पांच साल के समय में भारत को हर साल 31 लाख मीट्रिक टन DAP और NPK की सप्लाई की जाएगी.
किन-किन देशों से हो रही खरीद?
अपर्णा शर्मा ने आगे बताया कि अप्रैल और मई आम तौर पर कम मांग वाले महीने होते हैं, जिनका इस्तेमाल इन्वेंट्री बनाने के लिए किया जाता है. उन्होंने बताया कि इसके लिए सप्लाई का पहले से ही इंतजाम कर लिया गया था. उन्होंने आगे कहा कि हम अपने सोर्सिंग बेस को अलग-अलग कर रहे हैं और रूस (Russia), मोरक्को, ऑस्ट्रेलिया, अल्जीरिया, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया, कनाडा आदि जगहों से खरीद रहे हैं.
देश में पेट्रोल-डीजल का कितना स्टॉक?
इस बीच पेट्रोलियम मंत्रालय (Petroleum Ministry) में मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने रेगुलर ब्रीफिंग के दौरान कहा कि सभी प्रोडक्ट्स की इन्वेंट्री काफी है और देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और एलएनजी का काफी स्टॉक है. उन्होंने बताया कि क्रूड की इन्वेंट्री काफी है. मंत्रालयों ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर जोर दिया. पिछले दो दिनों में लगभग 1.04 करोड़ LPG की बुकिंग रिक्वेस्ट आईं, और 92 लाख डिलीवरी पूरी हुईं. सुजाता शर्मा ने बताया कि एनफोर्समेंट एक्शन भी तेज हो गया है.
(इनपुट: IANS)
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